जयपुर: राजधानी जयपुर के खोह नागोरियान इलाके में 9 जून को हुए दर्दनाक अग्निकांड में पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में लगी भीषण आग, जिसमें 8 लोग जिंदा जल गए थे, के मुख्य आरोपी कयूम खान (50) को पुलिस ने उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से गिरफ्तार कर लिया है। इस अग्निकांड के बाद से ही कयूम पुलिस से बचने के लिए अपने ठिकाने बदल रहा था। हालांकि, मामले के दो अन्य मुख्य आरोपी—कयूम का भाई याकूब और बिजनेस पार्टनर फिरोज—अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।

फरारी का ड्रामा: परिजनों से तोड़ लिया था संपर्क
डीसीपी (ईस्ट) रंजिता शर्मा ने जानकारी दी कि आरोपी कयूम खान जयपुर के खोह-नागोरियान स्थित राक्ष्या की ढाणी का निवासी है। घटना के बाद से ही वह पुलिस की रडार पर था और पिछले एक हफ्ते से दिल्ली और यूपी में अलग-अलग जगहों पर छिपकर फरारी काट रहा था। पूछताछ में यह तथ्य सामने आया है कि गिरफ्तारी से बचने के खौफ में कयूम ने अपने रिश्तेदारों और परिजनों से भी पूरी तरह संपर्क काट लिया था। जयपुर पुलिस की टीमें लगातार 8 दिनों से उसकी तलाश में यूपी और दिल्ली में छापेमारी कर रही थीं, जिसके बाद मंगलवार को अलीगढ़ में दबिश देकर उसे दबोच लिया गया।
मरता छोड़कर भागे आरोपी: खौफनाक था वह मंजर
अग्निकांड वाले दिन (9 जून) दिल्ली से गाड़ियों में भरकर अवैध विस्फोटक सामग्री जयपुर लाई गई थी।
- हादसे का कारण: दिल्ली से नासिर और रेहान नाम के दो युवक माल खाली करवाने आए थे। माल उतारने के बाद वे फैक्ट्री में ही आराम कर रहे थे, तभी अचानक वहां आग भड़क गई और बारूद के संपर्क में आते ही जोरदार धमाका हुआ।
- आरोपियों की संवेदनहीनता: जब आग ने विकराल रूप लिया, तो कयूम और उसका पार्टनर फिरोज उन दोनों युवकों और अन्य मजदूरों को तड़पता हुआ छोड़कर मौके से भाग निकले। इस हृदयविदारक हादसे में झुलसे लोग सड़क पर तड़पते हुए देखे गए थे। कुल 8 लोगों (जिनमें एक बच्चा और दो सगे भाई शामिल थे) को अपनी जान गंवानी पड़ी।
कैसे चल रहा था मौत का यह नेटवर्क?
पुलिस की जांच में यह खुलासा हुआ है कि ज्यादा मुनाफा कमाने के लालच में इस अवैध फैक्ट्री का संचालन पार्टनरशिप में किया जा रहा था। कयूम दिल्ली से शुरू हुए इस अवैध कारोबार को जयपुर में बड़े स्तर पर फैलाने की फिराक में था।
अवैध कारोबार का पूरा ढांचा:
| नाम | भूमिका | वर्तमान स्थिति |
| कयूम खान | मुख्य संचालक / पार्टनर | अलीगढ़ से गिरफ्तार |
| याकूब खान | मकान मालिक / कयूम का भाई / पार्टनर | फरार |
| फिरोज | किराएदार (दिल्ली निवासी) / मुख्य पार्टनर | फरार |
पटाखा फैक्ट्री मकान नंबर- 88 करीम नगर-बी के एक रिहायशी इलाके में चल रही थी। यह मकान याकूब का था, जिसने इसे दिल्ली निवासी फिरोज को किराए पर दिया था। फिरोज यहां अवैध रूप से शादियों और अन्य इवेंट्स के लिए पटाखों की पैकिंग का काम करवाता था, जिसमें कयूम और याकूब भी हिस्सेदार थे। कयूम और याकूब दोनों जयपुर के रहीम नगर सेकेंड स्थित अपने आलीशान मकान से इस पूरे नेटवर्क को ऑपरेट करते थे।
इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका
इस जटिल ऑपरेशन और मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी में खोह-नागोरियान थानाधिकारी प्रकाशराम विश्नोई के नेतृत्व में गठित टीम ने उत्कृष्ट कार्य किया। इस पुलिस टीम में निम्नलिखित सदस्य शामिल थे, जिन्होंने लगातार आरोपी का पीछा किया:
- एसआई (SI) मुकेश
- एसआई (SI) बजरंग लाल
- कॉन्स्टेबल धीरज
- कॉन्स्टेबल सुमनेश
फिलहाल, खोह-नागोरियान थाना पुलिस कयूम से गहन पूछताछ कर रही है और फरार आरोपियों (याकूब और फिरोज) की गिरफ्तारी के लिए उनके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।