राजस्थान में अजमेर जिले के पीसांगन स्थित विवेकानंद मॉडल राजकीय विद्यालय में छात्राओं के साथ कथित दुर्व्यवहार के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस शर्मनाक कांड में फरार चल रहे दूसरे आरोपी वरिष्ठ शारीरिक शिक्षक (PTI) ललित कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले मामले के मुख्य आरोपी शिक्षक मोहम्मद अली को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। शिक्षा के मंदिर को कलंकित करने वाले इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस और शिक्षा विभाग दोनों ही सख्त एक्शन के मूड में नजर आ रहे हैं।
तकनीकी साक्ष्यों से पकड़ा गया फरार PTI
पुलिस के अनुसार, घटना की जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया था। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद से ही दूसरा आरोपी ललित कुमार फरार चल रहा था। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों (साइबर सेल) और मुखबिर से मिली पुख्ता सूचना के आधार पर उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दी और उसे दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से कड़ाई से पूछताछ की जा रही है।
मोबाइल और व्हाट्सएप चैट खोलेंगे नए राज
पुलिस की जांच का दायरा अब दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन तक पहुंच गया है। पुलिस दोनों शिक्षकों के मोबाइल खंगाल रही है और उनके बीच हुई चैट की भी गहनता से जांच की जा रही है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि इस घिनौने कृत्य में क्या कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है या पर्दे के पीछे से किसी और की भूमिका तो नहीं है?
शिक्षा विभाग का कड़ा एक्शन, 3 शिक्षक सस्पेंड
मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा विभाग ने भी कड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने दोनों आरोपी शिक्षकों (मोहम्मद अली और ललित कुमार) को पहले ही निलंबित कर दिया था। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जब एक छात्रा ने इस दुर्व्यवहार की शिकायत की, तो शिक्षिका पिंकी यादव ने उसे थप्पड़ जड़ दिया। इस पर संज्ञान लेते हुए शिक्षा विभाग ने शिक्षिका पिंकी यादव को भी तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है। विभाग ने सख्त संदेश दिया है कि छात्राओं की सुरक्षा और सम्मान से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अभिभावकों में रोष, पुलिस की जांच जारी
पुलिस ने पीड़ित छात्राओं और उनके परिजनों के बयान दर्ज कर लिए हैं और इसी आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस घटना के बाद से पीसांगन क्षेत्र में भारी चिंता और रोष का माहौल है। अभिभावकों ने स्कूलों में छात्राओं की सुरक्षा को लेकर कड़े कदम उठाने की मांग की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से जारी है और यदि इस मामले में कोई नया तथ्य या किसी अन्य की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।