चुपचाप गड्ढे खोदकर मृत गायों को दफनाने का प्रयास विफल; ग्रामीणों के आक्रोश के बाद हरकत में आया प्रशासन

Madhu Manjhi

जयपुर। जयपुर जिले के फागी क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक और बड़ी खबर सामने आ रही है, जहाँ एक स्थानीय गौशाला में लगातार हो रही गायों की मौत और प्रबंधन की घोर संवेदनहीनता के मामले में मीडिया की खबर का बहुत बड़ा और त्वरित असर देखने को मिला है। इस गंभीर और संवेदनशील मुद्दे को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद जिला प्रशासनिक अमले और पशुपालन विभाग में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में उच्चाधिकारियों के निर्देश पर प्रशासनिक और चिकित्सकों की संयुक्त टीम जांच के लिए सीधे मौके पर पहुंच गई है।

खबर चलते ही दौड़े अधिकारी; चश्मदीद ग्रामीणों के लिए गए बयान

गौशाला में गायों की संदिग्ध परिस्थितियों में हो रही मौतों और अव्यवस्थाओं से पर्दा उठाने के लिए प्रशासनिक टीम ने तुरंत ग्राउंड जीरो का रुख किया:

  • संयुक्त निरीक्षण और ग्राउंड रिपोर्ट: खबर प्रसारित होने के तुरंत बाद स्थानीय तहसीलदार, पटवारी और संबंधित ग्राम पंचायत प्रशासन के अधिकारी दल-बल के साथ फागी स्थित बदहाल गौशाला पहुंचे। अधिकारियों ने वहां की जमीनी हकीकत और गोवंश की स्थिति का गहन जायजा लिया।
  • बयान दर्ज: इस भारी लापरवाही को लेकर जांच टीम ने स्थानीय ग्रामीणों, गौ-सेवकों और प्रत्यक्षदर्शी चश्मदीदों के विस्तृत बयान दर्ज किए हैं। इसके साथ ही मौके की वास्तविक और दयनीय स्थिति को लेकर एक चाक-चौबंद अधिकारिक रिपोर्ट तैयार की गई है, जिसे अग्रिम कार्रवाई के लिए जिला कलक्टर सहित उच्च अधिकारियों को भेजा जा रहा है।

डॉक्टरों की विशेष टीम ने संभाला मोर्चा, बीमार गायों का इलाज शुरू

प्रशासनिक अधिकारियों की दौड़-भाग के साथ-साथ पशुपालन विभाग भी तुरंत पूरी तरह हरकत में आया। विभाग के उच्चाधिकारियों के कड़े और स्पष्ट निर्देश पर वरिष्ठ पशु चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की एक विशेष टीम तुरंत फागी की इस गौशाला में आपातकालीन रूप से भेजी गई। पशु चिकित्सकों ने मौके पर पहुंचकर वहां तड़प रहे, कुपोषण के शिकार और गंभीर रूप से घायल व बीमार गोवंश का तुरंत उपचार शुरू कर दिया है ताकि समय रहते अन्य गायों की जान बचाई जा सके। इसके अलावा गायों के चारे और पानी की व्यवस्था को भी सुधारा जा रहा है।

जेसीबी से गड्ढे खोदकर मामले को दबाने की थी खौफनाक साजिश!

इस पूरे मामले के खुलासे में यह बेहद चौंकाने वाली, क्रूर और दर्दनाक बात सामने आई थी कि इस गौशाला में अब तक कई बेजुबान और मासूम गायों की असमय मौत हो चुकी है। सबसे गंभीर और विचलित करने वाली बात यह थी कि गौशाला प्रबंधन द्वारा इतनी गायों की मौत की सूचना जिला प्रशासन या पशुपालन विभाग को देने अथवा समय पर उनके इलाज की पुख्ता व्यवस्था करने के बजाय, चुपचाप रातों-रात जेसीबी (JCB) मशीन बुलाई जा रही थी।

जेसीबी के जरिए गौशाला परिसर और आसपास बड़े-बड़े गड्ढे खुदवाए जा रहे थे। इन मृत गायों को आनन-फानन में उन गड्ढों में दफनाकर पूरे मामले पर पूरी तरह से पर्दा डालने और अपनी प्रशासनिक व प्रबंधकीय कमियों को छुपाने की एक खौफनाक कोशिश की जा रही थी। लेकिन मीडिया में यह गंभीर मामला उजागर होने के बाद प्रबंधन की यह साजिश पूरी तरह से नाकाम हो गई है और प्रशासन अब इस क्रूरता के दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी व दंडात्मक कार्रवाई की पूरी तैयारी में जुट गया है।

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