CBI का नया सुरक्षा कवच ‘ABHAY’: नकली वारंट और साइबर ठगी से जनता को बचाएगा यह एआई सिस्टम

Desk

जयपुर: प्रदेश में लगातार बढ़ रहे साइबर अपराधों, फर्जी समन और खतरनाक ‘डिजिटल अरेस्ट’ स्कैम पर लगाम लगाने के लिए राजस्थान पुलिस ने एक बेहद आधुनिक हथियार मैदान में उतारा है। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (साइबर क्राइम) वीके सिंह ने आम नागरिकों को जागरूक करने और ठगों के जाल से बचाने के लिए एक विशेष एडवाइजरी जारी की है।

इस एडवाइजरी के तहत केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा विकसित ‘ABHAY’ (Artificial Intelligence Based Helpful Assistant for You) नामक एआई-आधारित चैटबॉट को नागरिकों की सुरक्षा के लिए पेश किया गया है। यह अत्याधुनिक सिस्टम किसी भी संदिग्ध या फर्जी सरकारी नोटिस की असलियत को मिनटों में परख कर आम जनता को ठगी का शिकार होने से बचाएगा।

क्या है ‘ABHAY’ AI चैटबॉट और यह कैसे करता है काम?

‘अभय’ (ABHAY) एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित डिजिटल सहायक है। जब भी साइबर अपराधी किसी व्यक्ति को फर्जी सीबीआई नोटिस, नकली कोर्ट वारंट या डिजिटल अरेस्ट की धमकी देकर डराने का प्रयास करते हैं, तो नागरिक इस चैटबॉट के जरिए उस नोटिस की सत्यता की जांच कर सकते हैं। यह चैटबॉट 24 घंटे और सप्ताह के सातों दिन (24×7) लाइव रहता है, ताकि संकट के समय किसी भी व्यक्ति को तुरंत सही कानूनी मार्गदर्शन मिल सके और वह घबराहट में आकर कोई गलत कदम न उठाए।

अभय चैटबॉट की 4 सबसे बड़ी खूबियां जो आपको रखेंगी सुरक्षित

  • रीयल-टाइम डेटा अपडेट: साइबर अपराधी जैसे ही ठगी का कोई नया तरीका या नया मॉडल बाजार में लाते हैं, पुलिस और जांच एजेंसियां तुरंत इस चैटबॉट के डेटाबेस को अपडेट कर देती हैं। इससे यह नए से नए फ्रॉड को भी तुरंत पकड़ लेता है।
  • नो-पैनिक गाइडेंस (तनावमुक्ति सलाह): डिजिटल अरेस्ट के मामलों में अक्सर लोग बुरी तरह डर जाते हैं। ऐसे समय में यह चैटबॉट यूजर को शांत रहने की सलाह देता है और उन्हें सिलसिलेवार तरीके से सुरक्षात्मक व कानूनी कदम उठाने की जानकारी देता है।
  • ऑटो-रूटिंग की सुविधा: यदि मामला गंभीर प्रकृति का है, तो यह एआई सिस्टम यूजर को बिना समय गंवाए सीधे आधिकारिक सरकारी शिकायत पोर्टलों और संबंधित जांच एजेंसियों के लिंक पर रीडायरेक्ट (रूट) कर देता है।
  • बहुभाषी और बेहद सरल इंटरफेस: इस चैटबॉट को हिंदी, अंग्रेजी सहित कई क्षेत्रीय भाषाओं में काम करने के लिए डिजाइन किया गया है। इसका सरल इंटरफेस ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों, महिलाओं और बुजुर्गों के लिए भी इस्तेमाल करना बेहद आसान बनाता है। यह सिस्टम सेक्सटॉर्शन, फर्जी लोन ऐप और डिजिटल अरेस्ट जैसे मामलों में सुरक्षा कवच की तरह काम करता है।

साइबर ठगी होने पर इन नंबरों पर तुरंत करें शिकायत

राजस्थान पुलिस ने जनता से पुरजोर अपील की है कि किसी भी अज्ञात या डराने वाले कॉल-नोटिस से घबराएं नहीं। यदि आप किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो जाते हैं, तो तुरंत नीचे दिए गए माध्यमों पर संपर्क करें:

  • राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर: 1930
  • विशेष साइबर हेल्पडेस्क नंबर: 9256001930, 9257510100
  • आधिकारिक वेबसाइट: [suspicious link removed]

पुलिस की विशेष टिप: साइबर फ्रॉड की स्थिति में जितनी जल्दी (गोल्डन आवर्स के भीतर) शिकायत दर्ज कराई जाएगी, आपके बैंक खाते से उडाई गई रकम को फ्रीज और रिकवर करने की संभावना उतनी ही अधिक होगी।

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