नागौर। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को राजस्थान की वीर धरा नागौर के मेड़ता में राव दूदा की विशाल प्रतिमा का अनावरण किया। इस दौरान एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने पाकिस्तान को सख्त लहजे में चेतावनी दी और राष्ट्रभक्ति, नारी सम्मान व वीरता का पुरजोर संदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत की नीति शांति की है, लेकिन यदि देश की सीमाओं और सुरक्षा के साथ खिलवाड़ हुआ, तो भारत “घर में घुसकर” जवाब देने की ताकत रखता है।
पाकिस्तान को अंतिम चेतावनी
आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति को दोहराते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी धर्म पूछकर गोली चला रहे हैं, लेकिन अब भारत बदल चुका है। उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र करते हुए कहा, “हम किसी को छेड़ते नहीं, लेकिन अगर कोई हमें छेड़ेगा तो उसे छोड़ेंगे भी नहीं। यदि पाकिस्तान ने फिर कोई हिमाकत की, तो इस बार वह होकर रहेगा जो अब तक नहीं हुआ है।” उन्होंने साफ किया कि देश की सुरक्षा में कोई भी सरहद अब बाधा नहीं बनेगी।

मीरा महोत्सव के लिए ₹5 करोड़ का उपहार
मेड़ता की सांस्कृतिक विरासत को सम्मान देते हुए रक्षा मंत्री ने बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार मेड़ता के प्रसिद्ध ‘मीरा महोत्सव’ के आयोजन के लिए 5 करोड़ रुपये प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि राव दूदा केवल एक न्यायप्रिय शासक और योद्धा ही नहीं थे, बल्कि एक वैष्णव संत भी थे, जिनकी विरासत को उनकी पौत्री मीराबाई ने कृष्ण भक्ति के माध्यम से अमर कर दिया।
नारी सम्मान और महिला आरक्षण बिल
महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि जिस समाज में महिलाओं का सम्मान नहीं होता, उसकी तरक्की मुमकिन नहीं है। उन्होंने महिला आरक्षण बिल को लेकर प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा, “विपक्ष ने लंबे समय तक इस बिल को अटकाया, लेकिन हमारी सरकार इसे लागू करने के लिए संकल्पबद्ध है। दुनिया की कोई ताकत महिलाओं को उनका हक पाने से नहीं रोक सकती।”

सैनिकों की खान है नागौर की माटी
रक्षा मंत्री ने राजस्थान और विशेषकर नागौर को वीर सैनिकों की भूमि बताया। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, “यह वह धरती है जहाँ घर-घर से जवान निकलते हैं। हमारी सरकार सैनिकों के हितों के लिए लगातार काम कर रही है।” उन्होंने कहा कि राव दूदा का चरित्र आज की युवा पीढ़ी के लिए संकल्प, साहस और शौर्य की मिसाल है। सरकार का लक्ष्य देश के गुमनाम वीरों के इतिहास को फिर से जीवंत करना है ताकि युवा अपने गौरवशाली अतीत से प्रेरणा ले सकें।