जोधपुर (क्राइम डेस्क): राजस्थान में प्रतियोगी परीक्षाओं में सेंधमारी करने वाले ‘मुन्नाभाइयों’ के लिए अब तकनीक सबसे बड़ा काल बन गई है। जोधपुर में 5 जुलाई को आयोजित LDC (लोअर डिविजन क्लर्क) भर्ती परीक्षा के दौरान एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों को भी चौंका दिया। बाड़मेर का रहने वाला एक युवक, जिसने 10 महीने पहले किसी और की जगह ‘डमी’ (Dummy) बनकर परीक्षा दी थी, वह AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और बायोमेट्रिक जांच की पैनी नजर से नहीं बच सका और सलाखों के पीछे पहुंच गया।
कौन है यह ‘मुन्नाभाई’? गिरफ्तार आरोपी का नाम रामचंद्र (23 वर्ष) है, जो बाड़मेर के पाबुदानपुरा बाधा (पुत्र ताजाराम) का निवासी है। SOG के इनपुट पर स्थानीय पुलिस ने उसे जोधपुर के चौपासनी हाउसिंग बोर्ड स्थित राजकीय अल्प भाषा सीनियर सेकेंडरी स्कूल के परीक्षा केंद्र से गिरफ्तार किया।
📊 [इन्फोग्राफिक ग्राफ] घटना की क्रोनोलॉजी: ‘डमी’ से ‘जेल’ तक का सफर
📅 19 सितंबर 2025 पहला अपराध: श्रवण कुमार (पुत्र खेराज राम) की जगह फोटो बदलकर जोधपुर के सोजती गेट स्थित उम्मेद कन्या सीनियर सेकेंडरी स्कूल में फोर्थ ग्रेड (4th Grade) की परीक्षा दी। (उस समय किसी को भनक नहीं लगी) ⬇️ 📅 5 जुलाई 2026 LDC परीक्षा: 10 महीने बाद आरोपी अपने असली नाम (रामचंद्र) से LDC की परीक्षा देने जोधपुर के चौपासनी हाउसिंग बोर्ड सेंटर पर पहुंचा। ⬇️ 🔍 AI बायोमेट्रिक जांच तकनीक ने पकड़ा: सेंटर पर ऑनलाइन फिंगरप्रिंट और फोटो वेरिफिकेशन हुआ। AI ने तुरंत डिटेक्ट कर लिया कि “जो चेहरा आज रामचंद्र का है, वही चेहरा 10 महीने पहले श्रवण कुमार का था!” ⬇️ 🚨 SOG का अलर्ट और गिरफ्तारी एक्शन: SOG ने स्थानीय पुलिस को सूचना दी। रामचंद्र जैसे ही परीक्षा देकर बाहर निकला, टीम ने उसे धर दबोचा।
कैसे खुला राज और क्या हुआ एक्शन?
- AI का कमाल: आरोपी को लगा था कि फोर्थ ग्रेड की परीक्षा में वह सफलतापूर्वक धांधली कर चुका है। लेकिन जैसे ही उसने LDC परीक्षा के लिए अपना अंगूठा और फोटो बायोमेट्रिक मशीन पर लगाया, सिस्टम के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ने पुराने डेटाबेस से उसका चेहरा और फिंगरप्रिंट मैच कर लिया।
- SOG का जाल: AI से अलर्ट मिलते ही SOG (स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप) की यूनिट एक्टिव हो गई और उसने जोधपुर पुलिस को सटीक लोकेशन भेज दी।
- पूछताछ में कबूला सच: पुलिस की गिरफ्त में आते ही आरोपी रामचंद्र ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि उसने श्रवण कुमार के फॉर्म में अपनी फोटो लगाकर डमी परीक्षा दी थी।
आगे की कार्रवाई: इस पूरी धांधली की पुष्टि होने के बाद, उदयमंदिर थाने में थाना अधिकारी ईश्वर चंद्र पारीक की ओर से आरोपी रामचंद्र और असली अभ्यर्थी श्रवण कुमार (जिसने फॉर्म भरा था) दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल SOG की टीम रामचंद्र को अपने साथ ले गई है और उससे इस गैंग से जुड़े अन्य लोगों के बारे में कड़ी पूछताछ की जा रही है।