राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) के तहत बकाया भुगतान को लेकर राज्य सरकार और निजी अस्पतालों के बीच टकराव अब चरम पर पहुँच गया है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) सहित कई डॉक्टर संगठनों ने सरकार को दो-टूक चेतावनी दी है कि यदि 30 अप्रैल 2026 तक बकाया राशि का कम से कम 50 प्रतिशत भुगतान नहीं किया गया, तो 15 मई से प्रदेशभर के निजी अस्पतालों में आरजीएचएस से जुड़ी सेवाओं का पूर्ण बहिष्कार किया जाएगा।
भुगतान में देरी: आर्थिक संकट में अस्पताल
आइएमए के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेश शर्मा और सचिव डॉ. एन.के. अग्रवाल ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में निजी अस्पतालों ने करीब ₹3500 करोड़ के मूल्य का इलाज और सेवाएं दी हैं। इसके मुकाबले अब तक केवल ₹2400 करोड़ का ही भुगतान किया गया है।
- टूटा भरोसा: सरकार ने 45 दिनों में भुगतान का लिखित आश्वासन दिया था, लेकिन पिछले 7 महीनों से कई अस्पतालों का पैसा अटका हुआ है।
- वेतन संकट: भुगतान न मिलने से छोटे और मध्यम स्तर के अस्पताल कर्मचारियों को वेतन तक नहीं दे पा रहे हैं, जिससे उनकी दैनिक व्यवस्था चरमरा गई है।
TPA की अड़ंगेबाजी और सप्लाई चेन पर असर
निजी अस्पतालों ने थर्ड पार्टी एडमिनिस्ट्रेटर (TPA) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अस्पतालों का कहना है कि TPA जानबूझकर आधारहीन आपत्तियां लगाकर क्लेम रोक देता है, जिससे प्रक्रिया लंबी हो जाती है। भुगतान अटकने के कारण आपूर्तिकर्ताओं (Suppliers) ने अस्पतालों को आवश्यक इम्प्लांट और जीवन रक्षक दवाइयों की सप्लाई बंद कर दी है, जिससे गंभीर मरीजों का ऑपरेशन करना मुश्किल हो रहा है।
प्रदेशभर में आंदोलन की रूपरेखा
फिलहाल जयपुर में आरजीएचएस से जुड़ी आउटडोर फार्मेसी सेवाएं बंद कर दी गई हैं। आंदोलन के अगले चरण की जानकारी देते हुए संगठनों ने बताया:
- अगला सप्ताह: अलवर, अजमेर और जोधपुर जैसे बड़े जिलों में आंदोलन का विस्तार।
- 15 मई: यदि मांगें नहीं मानी गईं, तो पूरे राजस्थान में ‘टोटल शटडाउन’ (RGHS सेवाओं का)।
एक्सपोज़ नाउ एनालिसिस:
RGHS राजस्थान की एक महत्वाकांक्षी योजना है जिससे लाखों कर्मचारी और पेंशनर्स जुड़े हैं। यदि सरकार और निजी अस्पतालों के बीच यह गतिरोध जल्द नहीं सुलझा, तो प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पटरी से उतर सकती है।
V. भुगतान का गणित (Financial Gap)
| विवरण | राशि (अनुमानित) |
| कुल उपचार सेवाएं (FY 2025-26) | ₹3,500 करोड़ |
| अब तक किया गया भुगतान | ₹2,400 करोड़ |
| कुल बकाया राशि (Balance) | ₹1,100 करोड़ |
| IMA की मांग (30 अप्रैल तक) | ₹550 करोड़ (50%) |