जयपुर। राष्ट्र सेविका समिति, जयपुर प्रांत की ओर से आयोजित 15 दिवसीय ‘प्रवेश शिक्षा वर्ग’ का भव्य शुभारंभ 17 मई को जामडोली स्थित शंकरलाल धानुका केशव विद्यापीठ में हुआ। शिविर की शुरुआत पारंपरिक रूप से भारत माता के पूजन के साथ की गई। 1 जून तक चलने वाले इस आवासीय प्रशिक्षण शिविर में महिलाओं को शारीरिक, बौद्धिक और संगठनात्मक विकास का कड़ा प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इस 15 दिवसीय आवासीय वर्ग में जयपुर प्रांत के 7 विभागों से कुल 92 शिक्षार्थी हिस्सा ले रही हैं। इनके अलावा शिविर के प्रबंधन और प्रशिक्षण के लिए प्रबंधिकाएं, शिक्षिकाएं और समिति के पदाधिकारियों सहित कुल 125 बहनें इस शिविर में सहभागी बनी हैं।

‘पंच परिवर्तन’ है समाज की आवश्यकता
उद्घाटन सत्र को मुख्य रूप से संबोधित करते हुए क्षेत्र बौद्धिक प्रमुख एवं अखिल भारतीय टोली की सदस्य डॉ. मंजु शर्मा ने “पंच परिवर्तन: समाज की एकात्मता का आधार” विषय पर अपने विचार रखे। उन्होंने उपस्थित सेविकाओं का मार्गदर्शन करते हुए वर्तमान समय में सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण और कुटुंब प्रबोधन (परिवार जागरण) को राष्ट्र और समाज की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया।
वहीं, प्रांत कार्यवाहिका संगीता जांगिड़ ने इस वर्ग को अनुशासन और व्यक्तित्व निर्माण का अहम केंद्र बताया। उन्होंने सभी सेविकाओं को शिविर की गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने और राष्ट्र सेवा के लिए खुद को तैयार करने के लिए प्रेरित किया।
इनके नेतृत्व में चलेगा प्रशिक्षण
आगामी 15 दिनों तक चलने वाले इस कड़े और अनुशासित शिविर के सुचारू संचालन के लिए वर्गाधिकारी डॉ. नीलम पूनार, वर्ग कार्यवाहिका डॉ. वंदना गौतम और मुख्य शिक्षिका अदिति राठौड़ पूरे समय शिविर में उपस्थित रहेंगी।