राजस्थान को पीएम मोदी की ऐतिहासिक सौगात: जैसलमेर-बाड़मेर से लेकर दौसा-खैरथल तक, बदल गई प्रदेश के 8 रेलवे स्टेशनों की तस्वीर

Desk

जयपुर/जोधपुर/दौसा।

भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण और बुनियादी ढांचे (Rail Infrastructure) के विस्तार की दिशा में आज राजस्थान के लिए एक ऐतिहासिक और गौरवशाली दिन है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज पंजाब के जालंधर कैंट से वर्चुअल माध्यम से देश के 75 पुनर्विकसित ‘अमृत स्टेशनों’ का भव्य लोकार्पण किया। ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ (Amrit Bharat Station Scheme) के तहत आयोजित इस राष्ट्रव्यापी समारोह में राजस्थान के 8 प्रमुख रेलवे स्टेशनों के कायाकल्प का अनावरण किया गया, जिन्हें विश्वस्तरीय और अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ जनता को समर्पित किया गया है।

उत्तर-पश्चिम रेलवे (NWR) और पश्चिम मध्य रेलवे (WCR) के विभिन्न मंडलों (जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, कोटा और आगरा मंडल) के तहत आने वाले ये सभी 8 स्टेशन अब न केवल रेलवे के आधुनिक ‘मल्टीमोडल हब’ बन चुके हैं, बल्कि स्थानीय कला, विरासत और संस्कृति के जीवंत प्रतीक के रूप में भी उभरे हैं।

राजस्थान के सभी 8 लोकर्पित ‘अमृत स्टेशनों’ की विस्तृत जानकारी

आज के इस मेगा लोकार्पण समारोह में राजस्थान के जिन 8 रेलवे स्टेशनों को नई सौगात मिली है, उनका ब्योरा और विशेषताएं इस प्रकार हैं:

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1. जैसलमेर रेलवे स्टेशन (लागत: ₹140 करोड़) – ‘स्वर्ण नगरी का हेरिटेज महल’

  • हेरिटेज और आधुनिकता का संगम: पश्चिमी राजस्थान के इस विश्वप्रसिद्ध पर्यटन स्थल पर लगभग ₹140 करोड़ से G+2 (तीन मंजिला) भव्य इमारत बनाई गई है। इसका बाहरी स्वरूप जैसलमेर के प्रसिद्ध पीले पत्थरों और पारंपरिक झरोखों से तैयार किया गया है।
  • अत्याधुनिक सुविधाएं: यात्रियों के सुगम आवागमन के लिए 10 लिफ्ट और 10 एस्केलेटर, 36 मीटर चौड़ा विशाल ‘एयर कॉनकोर्स’, 6 मीटर चौड़े दो फुट ओवरब्रिज (FOB) और 10,000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में छायादार (Covered) प्लेटफॉर्म शेड बनाए गए हैं।
  • सुरक्षा और तकनीक: पूरे स्टेशन पर 219 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। साथ ही, ट्रेनों के बेहतर रखरखाव के लिए नई सिक लाइन, पिट लाइन और व्हील लेथ सुविधा का काम अंतिम चरण में है, जिससे यहां से नई और लंबी दूरी की ट्रेनों का संचालन शुरू हो सकेगा।

2. बाड़मेर रेलवे स्टेशन (लागत: ₹16.18 करोड़) – ‘सीमावर्ती क्षेत्र की नई पहचान’

  • भारत-पाक सीमा से सटे और तेल व खनिज उद्योग के केंद्र बाड़मेर रेलवे स्टेशन का 16.18 करोड़ रुपये से पुनर्विकास किया गया है। यहां से प्रतिदिन लगभग 8,000 यात्री यात्रा करते हैं और 28 ट्रेनों का ठहराव है।
  • स्टेशन भवन को आधुनिक लुक देते हुए विशाल प्रवेश व निकास द्वार, नए वेटिंग हॉल, सुगम्य भारत के तहत दिव्यांगजनों के लिए विशेष रैंप, बेहतर लाइटिंग और डिजिटल कोच इंडिकेटर बोर्ड लगाए गए हैं।

3. दौसा रेलवे स्टेशन (लागत: ₹15 करोड़) – ‘कला और हरित ऊर्जा का केंद्र’

  • जयपुर मंडल के इस ऐतिहासिक स्टेशन के मुख्य भवन का नवीनीकरण कर दीवारों पर राजस्थानी लोक कला और संस्कृति को दर्शाती हुई आकर्षक चित्रकारी (Mural Art) की गई है।
  • यात्रियों के लिए 2 नई लिफ्ट, ब्रेल लिपि साइनेज और ग्रीन रेलवे पहल के तहत रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम तथा सोलर पावर प्लांट स्थापित किए गए हैं।

4. खैरथल रेलवे स्टेशन (लागत: ₹13 करोड़) – ‘स्मार्ट व्यापारिक हब’

  • अलवर जिले के प्रमुख व्यापारिक केंद्र खैरथल में ट्रैफिक और भीड़ प्रबंधन के लिए अलग-अलग प्रवेश (Entry) और निकास (Exit) मार्ग तथा एक भव्य पोर्च बनाया गया है।
  • वाहनों के लिए आधुनिक पार्किंग एरिया, डिजिटल कोच डिस्प्ले बोर्ड, और अत्याधुनिक वीआईपी अतिथि कक्ष व विश्राम गृह का निर्माण किया गया है।

5. डीग रेलवे स्टेशन – ‘ब्रज संस्कृति और सुगम यात्रा का प्रतीक’

  • नवगठित डीग जिले के रेलवे स्टेशन को आगरा मंडल के तहत पूरी तरह नया रूप दिया गया है। स्टेशन के डिजाइन में स्थानीय जलमहलों और ब्रज संस्कृति की झलक दी गई है।
  • यहां उन्नत यात्री प्रतीक्षा गृह, उच्च स्तरीय प्लेटफॉर्म, आधुनिक लाइटिंग और डिजिटल उद्घोषणा प्रणाली स्थापित की गई है।

6. गोटन रेलवे स्टेशन (नागौर) – ‘औद्योगिक क्षेत्र को आधुनिक सौगात’

  • सफेद सीमेंट और चूना पत्थर उद्योग के लिए प्रसिद्ध गोटन स्टेशन का कायाकल्प किया गया है।
  • स्टेशन परिसर का विस्तार, पार्किंग व्यवस्था में सुधार, नए फुट ओवरब्रिज और स्थानीय वास्तुकला पर आधारित नया फसाड (Façade) तैयार किया गया है।

7. सोमेश्वर रेलवे स्टेशन (पाली) – ‘मारवाड़ जंक्शन क्षेत्र का नया द्वार’

  • जोधपुर मंडल के अंतर्गत आने वाले सोमेश्वर स्टेशन पर यात्रियों के लिए सुगम्य रास्ते, आरामदायक प्रतीक्षा कक्ष, नए शौचालय ब्लॉक और बेहतर प्लेटफॉर्म शेड का निर्माण किया गया है।

8. राजस्थान का एक अन्य चयनित स्टेशन (कोटा/बीकानेर मंडल क्षेत्र)

  • राज्य के आठवें पुनर्विकसित स्टेशन के रूप में यात्री सुविधाओं को अपग्रेड कर आधुनिक वेटिंग लाउंज और डिजिटल प्रणालियों से लैस किया गया है।

राजस्थान को बजट में मिला ₹10,228 करोड़ का रिकॉर्ड आवंटन

भारतीय रेलवे के अनुसार, राजस्थान में रेल नेटवर्क के विस्तार और ढांचागत सुधार के लिए इस वित्तीय वर्ष के केंद्रीय बजट में 10,228 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक और अब तक का सर्वाधिक आवंटन किया गया है।

  • 85 अमृत स्टेशन: राज्य के कुल 85 रेलवे स्टेशनों को ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत चिन्हित किया गया है, जिस पर कुल 4,535 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
  • वन स्टेशन वन प्रोडक्ट (OSOP): इन सभी लोकर्पित स्टेशनों पर स्थानीय कारीगरों, बुनकरों और स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा देने के लिए विशेष कियोस्क स्थापित किए गए हैं, जहां वे अपने पारंपरिक हस्तशिल्प और स्थानीय प्रसिद्ध उत्पादों की सीधी बिक्री कर सकेंगे।

अमृत भारत स्टेशन योजना: इतिहास और लक्ष्य (History & Vision)

भारतीय रेलवे ने अपने पुराने और जर्जर हो चुके इंफ्रास्ट्रक्चर को 40-50 वर्षों की भविष्य की जरूरतों के अनुसार बदलने के लिए दिसंबर 2022 में ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ (ABSS) की शुरुआत की थी।

  • बजट और दायरा: इस राष्ट्रव्यापी योजना के तहत देश के 1,300 से अधिक रेलवे स्टेशनों को पुनर्विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके पहले चरण (Phase-1) के लिए केंद्र सरकार ने 25,000 करोड़ रुपये से 1 लाख करोड़ रुपये के बीच का विशाल प्रावधान किया है।
  • स्थानीय संस्कृति का सम्मान: पुरानी योजनाओं के विपरीत, इसमें ‘वन साइज फिट्स ऑल’ (सब पर एक जैसा डिजाइन) की नीति को खत्म कर हर स्टेशन का एक विशेष ‘मास्टर प्लान’ बनाया जाता है, जिसमें स्थानीय इतिहास, कला और विरासत को शामिल किया जाता है।
  • प्रगति: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, देशभर में अब तक 260 से अधिक स्टेशनों का कार्य पूरा हो चुका है। सरकार का लक्ष्य 2026 तक 400 और 2027 के अंत तक 700 स्टेशनों का काम पूरा करना है।

समारोह में जुटे मंत्री, सांसद और विधायक

आज के इस डिजिटल लोकार्पण समारोह में राजस्थान के विभिन्न स्टेशनों पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों का भारी उत्साह देखने को मिला।

  • जैसलमेर में केंद्रीय संस्कृति व पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, स्थानीय विधायक छोटू सिंह भाटी और पोकरण विधायक प्रताप पुरी उपस्थित रहे।
  • मारवाड़ व पाली क्षेत्र में राज्य के पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत, पाली सांसद पीपी चौधरी और राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ समारोह के साक्षी बने।
  • इसके अलावा दौसा, खैरथल, बाड़मेर और डीग में भी स्थानीय सांसदों, विधायकों, रेलवे अधिकारियों, स्कूली छात्रों और गणमान्य नागरिकों ने इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान स्कूली छात्रों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं और प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया।

परियोजना का समग्र विवरण (Fact Sheet):

मानक / बिंदुआंकड़े और विस्तृत जानकारी
योजना की शुरुआतदिसंबर 2022 (भारतीय रेल मंत्रालय द्वारा)
देशभर का कुल लक्ष्य1,300 से अधिक स्टेशन (बजट: ₹25,000 करोड़+)
लोकार्पण की तिथि17 जुलाई 2026
लोकार्पित स्टेशनों की संख्यादेश के 20 राज्यों में कुल 75 पुनर्विकसित स्टेशन
राजस्थान का वार्षिक रेल बजट₹10,228 करोड़ (अब तक का सर्वाधिक रिकॉर्ड बजट)
राजस्थान के कुल अमृत स्टेशन85 स्टेशन (स्वीकृत कुल लागत: ₹4,535 करोड़)
राजस्थान के लोकर्पित 8 स्टेशनजैसलमेर, बाड़मेर, दौसा, खैरथल, डीग, गोटन, सोमेश्वर आदि।
जैसलमेर स्टेशन पुनर्विकासलागत: ₹140 करोड़ (G+2 इमारत, 10 लिफ्ट, 10 एस्केलेटर)
बाड़मेर स्टेशन पुनर्विकासलागत: ₹16.18 करोड़ (आधुनिक वेटिंग हॉल, सुगम्य रैंप)
दौसा स्टेशन पुनर्विकासलागत: ₹15 करोड़ (सोलर प्लांट, 2 लिफ्ट, हेरिटेज पेंटिंग्स)
खैरथल स्टेशन पुनर्विकासलागत: ₹13 करोड़ (पृथक प्रवेश-निकास, स्मार्ट पार्किंग)

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