जयपुर: राजस्थान में आगामी पंचायत और निकाय चुनावों को लेकर तस्वीर साफ होने लगी है। स्वायत्त शासन विभाग (DLG) द्वारा शहरी निकायों के प्रमुख पदों के लिए आरक्षण की लॉटरी निकाल दी गई है। शासन सचिव रवि जैन की अध्यक्षता और सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में पूरी पारदर्शिता के साथ यह प्रक्रिया पूरी की गई।
आरक्षण प्रक्रिया का आधार
लॉटरी निकालने की प्रक्रिया के तहत अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) की जो सीटें वर्ष 2014 और 2019 के चुनावों में आरक्षित रह चुकी थीं, उन्हें इस बार आरक्षण सूची से बाहर (रोटेशन के तहत) रखा गया है। इसके बाद बची हुई सीटों को एससी-एसटी की जनसंख्या के अवरोही क्रम (सबसे ज्यादा जनसंख्या वाली सीट को पहले) के आधार पर सूचीबद्ध कर लॉटरी निकाली गई। इसी प्रकार इसके बाद ओबीसी वर्ग के लिए सीटों का आरक्षण तय किया गया है।
संभागवार आरक्षित सीटों का विवरण:

- अजमेर संभाग:
- एससी (SC) के लिए आरक्षित सीटें: मेड़ता रोड, दूनी, बोरावड़, पुष्कर, खाटू खुर्द, टांटोटी, देवली और पीपलू। इनमें से मेड़ता रोड, दूनी और बोरावड़ नगर पालिकाएं एससी महिलाओं के लिए आरक्षित की गई हैं।
- ओबीसी (OBC) के लिए आरक्षित सीटें: नावा, नागौर, हमीरगढ़, रियाबाड़ी, सरवाड़, लाडनूं, जायल, डीडवाना, बासनी और जैतारण कुल 10 सीटें आरक्षित हुई हैं।
- भरतपुर संभाग:
- एससी (SC) के लिए आरक्षित सीटें: वजीरपुर, बसेड़ी, सपोटरा, खंडार, टोडाभीम, मंडरायल, उच्चेन, मनिया और सुरोठ। इनमें से टोडाभीम, सपोटरा और सुरोठ महिलाओं के लिए आरक्षित की गई हैं।
- ओबीसी (OBC) के लिए आरक्षित सीटें: रूपबास, बौली, सरमथुरा, राजाखेड़ा, बृजनगर और सवाई माधोपुर। इनमें से राजाखेड़ा और सरमथुरा ओबीसी महिलाओं के लिए आरक्षित की गई हैं।
प्रदेश के कुल 309 शहरी निकायों (10 नगर निगम, 51 नगर परिषद और 248 नगर पालिका) में आरक्षण की स्थिति स्पष्ट होने के बाद अब राजनीतिक दलों ने चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं।