राजधानी जयपुर में चालान कार्रवाई को लेकर सामने आए विवादों के बीच पुलिस कमिश्नरेट ने पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। जयपुर के पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल ने 1 अक्टूबर 2026 को एक अहम आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि यातायात नियमों के उल्लंघन पर चालान बनाने का अधिकार केवल अधिकृत अधिकारियों को ही होगा। इसके लिए विभिन्न पुलिस थानों और यातायात शाखा के हेड कांस्टेबल एवं उससे ऊपर के अधिकारियों को ही अधिकृत किया गया है।

कमिश्नर ने आदेश में उस पुरानी परिपाटी पर कड़ी आपत्ति जताई है, जिसमें अधिकृत अधिकारी चालान काटने के लिए अपनी यूजर आईडी कांस्टेबल या अन्य कर्मचारियों को दे देते हैं और उनके माध्यम से चालान बनवाया जाता है। कमिश्नरेट ने इसे अनधिकृत कार्रवाई माना है और साफ निर्देश दिए हैं कि किसी भी परिस्थिति में अपनी यूजर आईडी दूसरे को उपलब्ध नहीं कराई जाएगी। आदेश की अवहेलना होने पर संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ सीधी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इस नई व्यवस्था से चालान प्रक्रिया में जवाबदेही तय होगी और यह साफ रहेगा कि डिजिटल एंट्री वास्तव में किस अधिकारी ने की है।
कमिश्नरेट के इस सख्त आदेश को हाल ही में बजाज नगर थाना क्षेत्र में हुए बड़े विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है। गौरतलब है कि वहां एक सरकारी कर्मचारी का चालान काटने पर विवाद इतना बढ़ गया था कि कर्मचारियों ने सचिवालय में धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया था, जिसके बाद दो पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई करनी पड़ी थी। भविष्य में ऐसे विवादों से बचने और पुलिसकर्मियों की भूमिका स्पष्ट करने के लिए अब चालान से लेकर डिजिटल एंट्री तक की पूरी जिम्मेदारी सीधे तौर पर अधिकृत अधिकारी की तय कर दी गई है।
Jaipur Police Commissioner, Sachin Mittal, Jaipur Traffic Police, Traffic Challan Rules 2026, Bajaj Nagar Challan Dispute, Rajasthan Police Orders, Jaipur News, Traffic Rules Violation