जयपुर। राजस्थान में NEET-UG 2026 पेपर लीक मामला अब केवल एक परीक्षा धांधली नहीं, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक संग्राम बन चुका है। इस मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी दिनेश बिवाल और उसके भाई मांगीलाल के ‘सत्ता कनेक्शन’ ने प्रदेश की सियासत में उबाल ला दिया है। कांग्रेस ने दावा किया है कि पेपर लीक का मास्टरमाइंड दिनेश बिवाल सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) का सक्रिय पदाधिकारी है।

सबूत चीख रहे हैं: टीकाराम जूली का बड़ा खुलासा
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सोशल मीडिया पर कई तस्वीरें और पोस्टर साझा कर सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। वायरल पोस्टर्स में दिनेश बिवाल ने खुद को “जिला मंत्री, जयपुर जिला देहात, भाजपा युवा मोर्चा” बताया है। जूली ने सवाल उठाया कि क्या अपने ही नेता को बचाने के लिए भजनलाल सरकार ने 9 दिनों तक इस मामले में FIR दर्ज नहीं की?

30 लाख की डील और माफिया का नेटवर्क
जांच एजेंसियों के अनुसार, दिनेश बिवाल और मांगीलाल ने कथित तौर पर 30 लाख रुपये में गुरुग्राम से नीट का पेपर खरीदा था। इसके बाद 29 अप्रैल को इसे सीकर में कई अभ्यर्थियों और व्हाट्सएप ग्रुप्स में सर्कुलेट किया गया। आरोपी को इस पूरे नेटवर्क की एक अहम कड़ी माना जा रहा है जो कोचिंग संस्थानों और पेपर माफिया के बीच ‘पुल’ का काम कर रहा था।
मंत्रियों के साथ वायरल तस्वीरों ने बढ़ाई मुश्किल
सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों ने भाजपा को रक्षात्मक स्थिति में ला दिया है:
- आरोपी दिनेश बिवाल खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ और शिक्षा मंत्री मदन राठौड़ के साथ नजर आ रहा है।
- एक तस्वीर में आरोपी मांगीलाल संघ (RSS) की यूनिफॉर्म में दिख रहा है।
- केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल के साथ भी आरोपियों की तस्वीरें और शहर के होर्डिंग्स पर उनकी मौजूदगी ने विपक्ष के आरोपों को बल दिया है।
दिग्गज नेताओं का प्रहार
- अशोक गहलोत: पूर्व मुख्यमंत्री ने पूछा, “क्या भाजपा सरकार अब युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले माफिया को संरक्षण दे रही है? इसीलिए 11 मई से FIR दर्ज नहीं की गई थी।”
- गोविंद सिंह डोटासरा: पीसीसी चीफ ने इसे “सत्ता संरक्षण का प्रयोग” बताते हुए कहा कि आरोपी भाजपा विधायकों और मंत्रियों के बेहद करीबी हैं।
- सचिन पायलट: पायलट ने इसे राष्ट्र चिंता का मुद्दा बताते हुए न्यायिक जांच की मांग की है। उन्होंने सवाल किया कि पिछली बार की सीबीआई जांच का क्या हुआ?
भाजपा का रुख
फिलहाल भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक रक्षात्मक बयान नहीं आया है, लेकिन पार्टी सूत्रों का कहना है कि कानून अपना काम करेगा और किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे उसका संबंध किसी भी दल से हो।
24 लाख छात्रों के भविष्य पर मंडराते काले बादलों के बीच, अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या सरकार अपने ‘अपनों’ के खिलाफ ‘बुलडोजर’ वाली सख्त कार्रवाई कर पाती है या नहीं।