अजमेर। राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की परीक्षाओं की शुचिता पर एक बार फिर सवाल खड़े हुए हैं, लेकिन इस बार संलिप्तता आयोग के भीतर से ही सामने आई है। एसओजी (SOG) ने मंगलवार को आरपीएससी के एक क्लर्क मानसिंह मीणा को गिरफ्तार किया है, जिसने प्राध्यापक (स्कूल शिक्षा) प्रतियोगी परीक्षा-2022 में एक अभ्यर्थी की जगह डमी कैंडिडेट बैठाने में मदद की थी।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला साल 2022 की स्कूल लेक्चरर भर्ती से जुड़ा है। अभ्यर्थी राजेश कुमार मीणा (रोल नंबर 730447) ने इतिहास और सामान्य ज्ञान (GK) के पेपर में अपनी जगह किसी और को परीक्षा देने भेजा था। इस साजिश में उसने आरपीएससी में कार्यरत कनिष्ठ लिपिक मानसिंह मीणा की मदद ली।
- फर्जीवाड़े का तरीका: अभ्यर्थी ने प्रवेश पत्र पर अपनी फोटो की जगह डमी कैंडिडेट की फोटो लगाई थी। इसके अलावा हस्ताक्षर और जन्म तिथि के दस्तावेजों में भी बड़े स्तर पर हेरफेर किया गया था।
- सफलता का मुखौटा: इस धोखाधड़ी के दम पर अभ्यर्थी ने मुख्य चयन सूची में 569वीं रैंक हासिल कर ली थी।
इन सेंटर्स पर हुई थी ‘डमी’ परीक्षा
एसओजी की जांच के अनुसार, क्लर्क ने जयपुर के दो अलग-अलग केंद्रों पर परीक्षा दिलवाई थी:
- 17 अक्टूबर 2022: लर्निंग स्टेप स्कूल, सोडाला, जयपुर (सामान्य ज्ञान विषय)।
- 18 अक्टूबर 2022: राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल, बेनाड़ रोड, जयपुर (इतिहास विषय)।
आयोग सचिव की तत्परता से खुला राज
दस्तावेजों के सत्यापन (Verification) के दौरान आयोग को दस्तावेजों पर संदेह हुआ। आयोग सचिव रामनिवास मेहता ने जब गहनता से जांच करवाई, तो फर्जीवाड़ा पूरी तरह साफ हो गया। इसके बाद सचिव ने खुद 25 फरवरी 2025 को जयपुर स्थित एसओजी थाने में नामजद एफआईआर दर्ज करवाई और सभी पुख्ता सबूत जांच एजेंसी को सौंपे।
क्लर्क का बैकग्राउंड
गिरफ्तार क्लर्क मानसिंह मीणा करौली जिले की नादोती तहसील का निवासी है। उसने 10 नवंबर 2020 को आयोग में कनिष्ठ लिपिक (LDC) के पद पर जॉइन किया था। जांच में सामने आया कि वह मुख्य आरोपी अभ्यर्थी राजेश कुमार मीणा का परिचित है और उसी ने पूरे सिस्टम में सेंध लगाने का रास्ता दिखाया था।
एसओजी अब इस मामले में डमी कैंडिडेट और अन्य शामिल लोगों की तलाश में जुटी है। आयोग की इस कार्रवाई से उन अभ्यर्थियों में उम्मीद जगी है जो ईमानदारी से परीक्षा की तैयारी करते हैं।