राजस्थान विश्वविद्यालय (Rajasthan University) के नाम पर फर्जी डॉक्यूमेंट्स तैयार कर लोगों से ठगी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. अरविंद कुमार ने जयपुर के गांधीनगर थाने में केस दर्ज कराया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यूनिवर्सिटी के ही एक आउटसोर्स कर्मचारी ने इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया है।
ऐसे हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा इस पूरे खेल का पर्दाफाश 6 अगस्त को तब हुआ, जब यूनिवर्सिटी के एक कर्मचारी ताराचंद मीणा ने कुलसचिव कार्यालय में कुछ दस्तावेजों के सत्यापन (Verification) के लिए आवेदन किया। जब विश्वविद्यालय प्रशासन ने इन दस्तावेजों की संबंधित शाखाओं से क्रॉस-चेकिंग कराई, तो पता चला कि प्रस्तुत किए गए कोई भी डॉक्यूमेंट आधिकारिक रिकॉर्ड से मेल नहीं खाते हैं। जांच में सभी दस्तावेज पूरी तरह से फर्जी पाए गए।
पैसे लेकर थमा दिए फर्जी डॉक्यूमेंट रिपोर्ट में पीड़ित ताराचंद मीणा ने आरोप लगाया है कि इंटरनेशनल कॉर्पोरेशन सेल में कार्यरत बताने वाले कृष्ण कुमार मीणा ने ही उससे पैसे लेकर ये फर्जी दस्तावेज तैयार किए थे। इस खुलासे के बाद आशंका जताई जा रही है कि राजस्थान विश्वविद्यालय के नाम का दुरुपयोग कर कोई बड़ा गिरोह लोगों को ठगने का काम कर रहा है।
स्थायी नहीं, ‘आउटसोर्स’ निकला आरोपी कर्मचारी विश्वविद्यालय प्रशासन ने जब अपने स्तर पर जांच की तो उनके रिकॉर्ड में ‘कृष्ण कुमार मीणा’ नाम का कोई स्थायी कर्मचारी कार्यरत नहीं मिला। इसके बाद सेवा प्रदाता एजेंसी ‘किरण एंटरप्राइजेज’ से संपर्क किया गया। एजेंसी ने पुष्टि की कि कृष्ण कुमार मीणा उनके जरिए इंटरनेशनल कॉर्पोरेशन सेल में एक ‘आउटसोर्स कर्मचारी’ के रूप में काम कर रहा है और एजेंसी ने उसका PF/ESIC घोषणा पत्र भी प्रशासन को सौंप दिया है।
Tag
Rajasthan University, Fake Documents, Jaipur News, RU News, Gandhinagar Police Station, Rajasthan News, Crime News, Hindi News, Fraud, Rajasthan Police