जयपुर। राजस्थान में बुधवार को प्री-डीएलएड परीक्षा-2026 (Pre D.El.Ed Exam) कड़े सुरक्षा इंतजामों और अत्याधुनिक एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित निगरानी व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय (VMOU) द्वारा आयोजित इस राज्य स्तरीय परीक्षा के लिए प्रदेश भर में 887 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जिन पर 6 लाख 5 हजार से ज्यादा अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इनमें से करीब 82 फीसदी अभ्यर्थियों ने परीक्षा में अपना भाग्य आजमाया।
पहली बार AI और स्टेट कमांड सेंटर से हुई रियल-टाइम निगरानी

इस बार की परीक्षा की सबसे बड़ी खासियत इसकी सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था रही। प्रदेश में पहली बार एआई आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम लागू किया गया। सभी परीक्षा केंद्रों की लाइव फीड सीधे स्टेट कमांड सेंटर तक पहुंची। जयपुर रीजनल सेंटर स्थित इस कमांड सेंटर से वीएमओयू के कुलगुरु प्रो. बीएल वर्मा और आईटी व एआई विशेषज्ञों की टीम ने खुद परीक्षा की लाइव निगरानी की। प्रो. वर्मा ने बताया कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि के होने पर एआई सॉफ्टवेयर तुरंत अलर्ट जारी करता था, जिसके बाद संबंधित केंद्राधीक्षक को तत्काल कार्रवाई के निर्देश भेजे जा रहे थे।
केंद्रों पर भारी सख्ती: फेस रिकॉग्निशन से प्रवेश, उतरे गहने
नकल और डमी अभ्यर्थियों को रोकने के लिए केंद्रों पर सघन जांच अभियान चलाया गया। अभ्यर्थियों को फ्रिस्किंग, फेस रिकॉग्निशन (चेहरा पहचान) और बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद ही अंदर जाने की अनुमति मिली। परीक्षा केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के साथ-साथ धातु (मेटल) से बनी वस्तुओं पर पूर्ण प्रतिबंध रहा। जयपुर के राजस्थान कॉलेज सहित कई केंद्रों पर सख्ती का आलम यह रहा कि महिला अभ्यर्थियों को नाक की बाली, कान के टॉप्स और अन्य आभूषण उतारने पड़े। सुरक्षा कर्मियों ने पूरी तसल्ली करने के बाद ही प्रवेश दिया।
पर्सनलाइज्ड OMR और पेपर लीक प्रूफ सिस्टम

वीएमओयू के कुलगुरु प्रो. बीएल वर्मा ने स्पष्ट किया कि इस बार मुख्य फोकस डमी परीक्षार्थियों और नकल माफिया पर नकेल कसना था। इसके लिए कई नवाचार किए गए:
- फोटो वाली ओएमआर: सभी अभ्यर्थियों को पर्सनलाइज्ड ओएमआर शीट दी गई, जिस पर अभ्यर्थी की खुद की फोटो प्रिंट थी।
- जीपीएस और पुलिस सुरक्षा: पेपर लीक की संभावनाओं को शून्य करने के लिए विश्वसनीय पेपर सेटर और प्रिंटिंग प्रेस का चयन किया गया। इसके बाद प्रश्नपत्रों को जीपीएस लगी गाड़ियों में पुलिस की कड़ी निगरानी के बीच ट्रेजरी (कोषागार) तक पहुंचाया गया और परीक्षा से ठीक पहले ही केंद्रों तक लाया गया।
दो पारियों में समय की पाबंदी के साथ संपन्न हुई परीक्षा
यह परीक्षा दो पारियों में आयोजित की गई। पहली पारी सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक, जबकि दूसरी पारी दोपहर 2:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक चली। प्रशासन ने समय की पाबंदी को लेकर कोई रियायत नहीं दी। गेट बंद होने के तय समय के बाद किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं दिया गया। दूसरी पारी की परीक्षा शाम 5.30 बजे सफलतापूर्वक और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गई, जिसके बाद प्रशासन और अभ्यर्थियों ने राहत की सांस ली।