नई दिल्ली। शेखावाटी क्षेत्र के लिए राहत की बड़ी खबर सामने आई है। बुधवार को नई दिल्ली स्थित केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल के निवास पर सुबह 11 बजे शुरू हुई मैराथन बैठक में राजस्थान और हरियाणा के बीच यमुना जल बंटवारे और पाइपलाइन निर्माण को लेकर सहमति बन गई। बैठक में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जल संसाधन प्रबंधन और सिंचाई परियोजनाओं के विभिन्न तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की।

300 किलोमीटर लंबी होगी पाइपलाइन
इस महात्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के तहत यमुना का पानी शेखावाटी तक पहुंचाने के लिए करीब 300 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जाएगी। अलाइनमेंट सर्वे के अनुसार, इस पाइपलाइन का 290 किलोमीटर हिस्सा हरियाणा की सीमा में होगा, जबकि मात्र 10 किलोमीटर हिस्सा राजस्थान में होगा। राजस्थान सरकार इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) पहले ही केंद्रीय जल आयोग को भेज चुकी है। अब दोनों राज्यों में सहमति बनने के बाद पाइपलाइन बिछाने का काम युद्ध स्तर पर शुरू होने की संभावना है।
RRTS और बांध प्रोजेक्ट पर भी मंथन
बैठक के बाद हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि केवल यमुना जल ही नहीं, बल्कि आरआरटीएस (RRTS) से जुड़े लंबित विवादों को भी आपसी बातचीत से सफलतापूर्वक सुलझा लिया गया है। उन्होंने कहा कि एक विशेष बांध परियोजना पर भी चर्चा हुई है, जिससे हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली तीनों की पेयजल समस्या का समाधान होगा।
पीएम मोदी की अपील का पालन
बैठक के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सादगी और संसाधन संरक्षण की अपील का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री की गाइडलाइंस के अनुसार हम सभी मुख्यमंत्री काम कर रहे हैं। हमने तय किया है कि काफिले में कम से कम गाड़ियों का इस्तेमाल करेंगे और आज दिल्ली में भी हमने इसका पालन किया है।”
इस समझौते के बाद शेखावाटी क्षेत्र के निवासियों में उत्साह की लहर है, क्योंकि यमुना का पानी आने से न केवल पीने के पानी की समस्या हल होगी, बल्कि क्षेत्र के गिरते भू-जल स्तर में भी सुधार होने की उम्मीद है।