जयपुर: केंद्र सरकार ने सभी एलपीजी (LPG) उपभोक्ताओं के लिए 16 अगस्त तक E-KYC कराना अनिवार्य कर दिया है। तय समय सीमा तक ई-केवाईसी नहीं कराने वाले उज्ज्वला योजना और सामान्य उपभोक्ताओं को घरेलू दर पर गैस सिलेंडर का लाभ नहीं मिलेगा। सरकार ने यह कदम गैस सब्सिडी में पारदर्शिता लाने और मृत उपभोक्ताओं या बोगस कनेक्शनों पर लगाम लगाने के लिए उठाया है।
राजस्थान में क्या है मौजूदा स्थिति?
राजस्थान में तीनों प्रमुख गैस कंपनियों (भारत गैस, इंडेन और एचपी) के कुल 1.85 करोड़ गैस उपभोक्ता हैं, जिनमें से 38 लाख उपभोक्ताओं ने अभी तक केवाईसी नहीं कराई है। अकेले ‘इंडेन’ कंपनी के 17 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं की केवाईसी पेंडिंग है। वहीं, राजधानी जयपुर जिले में 5 लाख से अधिक और शहर में 3.50 लाख उपभोक्ताओं की केवाईसी होनी बाकी है।
कंपनियों का दावा है कि रोजाना 20 हजार केवाईसी की जा रही हैं, लेकिन भारी पेंडेंसी को देखते हुए समय पर लक्ष्य पूरा होना मुश्किल नजर आ रहा है। सामान्य उपभोक्ताओं को 17 अगस्त के बाद किस दर पर सिलेंडर मिलेगा, इसकी घोषणा केंद्र सरकार 17 अगस्त को ही करेगी।
ऐसे आसानी से करा सकते हैं E-KYC:
उपभोक्ता निम्नलिखित तीन आसान तरीकों से अपनी केवाईसी पूरी करा सकते हैं:
- मोबाइल ऐप: संबंधित गैस कंपनी के आधिकारिक मोबाइल ऐप के जरिए घर बैठे।
- गैस एजेंसी पर: अपना आधार कार्ड लेकर सीधे अपनी संबंधित गैस एजेंसी पर जाकर।
- डिलिवरी मैन के जरिए: घर पर सिलेंडर की डिलीवरी के दौरान डिलीवरी मैन के मोबाइल ऐप के माध्यम से।
प्रदेशभर की 1300 से अधिक गैस एजेंसियां इस प्रक्रिया में जुटी हुई हैं। जिन उपभोक्ताओं ने अब तक केवाईसी नहीं कराई है, वे समय रहते इसे पूरा कर लें, अन्यथा उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।