करौली/सवाई माधोपुर: पाँचना बाँध के पानी के बँटवारे को लेकर दो पक्षों के बीच उपजे विवाद और उसके बाद से जारी गतिरोध आखिरकार सुलझ गया है। कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा और आला अधिकारियों की लंबी वार्ता के बाद गुरुवार को आंदोलनकारी किसान जाम खोलने और धरना समाप्त करने पर सहमत हो गए हैं। पिछले 36 घंटों से हिंडौन-गंगापुर मार्ग सहित जिले के कई प्रमुख सड़क मार्ग जाम थे, जिससे आमजन को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।

वार्ता और समाधान
मामले की गंभीरता को देखते हुए बुधवार देर शाम मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा, एसीएस कृष्ण कुणाल, एडीजी बीजू जॉर्ज, संभागीय आयुक्त नलिनी कठोतिया और आईजी कैलाशचंद्र बिश्नोई ने करौली और गंगापुर सिटी में प्रशासन के साथ बैठक की।
- आश्वासन: डॉ. मीणा ने किसानों को आश्वस्त किया कि पाँचना बाँध का खराब गेट 7 से 10 दिनों में दुरुस्त कर दिया जाएगा, जिसके बाद कमांड क्षेत्र की नहरों में सुचारू रूप से पानी मिलना शुरू हो जाएगा।
- अपील: मंत्री ने किसानों से कहा कि यदि वे उनकी बात को महत्व देते हैं तो हिंसा का मार्ग छोड़कर तुरंत जाम खोल दें। उन्होंने चेतावनी दी कि सोशल मीडिया पर अनर्गल टिप्पणी करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नेटबंदी और प्रशासनिक सख्ती
विवाद के दौरान दोनों पक्षों के बीच सोशल मीडिया पर चल रही भ्रामक और भड़काऊ टिप्पणियों से उपजे आक्रोश को देखते हुए, जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर करौली और सवाई माधोपुर जिलों में इंटरनेट सेवाओं को 24 घंटे के लिए बंद कर दिया है। यह कदम क्षेत्र में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया है।
गुर्जर समाज की चेतावनी का असर

बुधवार को गुडला गाँव में गुर्जर समाज की महापंचायत में विजय बैंसला ने सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। समाज ने माँग की थी कि असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई हो और सड़क जाम खुलवाया जाए, अन्यथा पूरे राजस्थान में चक्काजाम किया जाएगा। इस दबाव और प्रशासन की सक्रियता के बाद आखिरकार जाम खुल गया है और स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। फिलहाल पुलिस प्रशासन पूरे क्षेत्र में सतर्क है और स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है।