जैसलमेर: बाड़मेर-जैसलमेर सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने हाल ही में आयोजित राजस्थान कनिष्ठ सहायक (LDC) भर्ती परीक्षा के दौरान स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल केंद्र पर सामने आए अनियमितताओं के मामले में सरकार को घेरा है। सांसद ने इसे महज नकल का प्रकरण मानने से इनकार करते हुए इसे ‘खुले तौर पर पेपर लीक’ का मामला करार दिया है।
उच्च स्तरीय जांच और SOG की मांग
सांसद बेनीवाल ने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि परीक्षा के दौरान सुनियोजित तरीके से खिड़की के रास्ते पेपर बाहर भेजा गया और उसे हल करवाकर कुछ खास परीक्षार्थियों को लाभ पहुँचाया गया। उन्होंने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे केवल नकल मानकर लीपापोती की जा रही है। उन्होंने निष्पक्ष जांच के लिए पूरे प्रकरण को स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) को सौंपने की मांग की है।
केंद्र अधीक्षक की भूमिका पर संदेह
सांसद ने मॉडल स्कूल केंद्र के अधीक्षक की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह कोई पहली बार नहीं है, बल्कि इस केंद्र का नाम पहले भी कई बार अनियमितताओं में सामने आ चुका है। सांसद ने मांग की कि इस केंद्र पर ड्यूटी लगाने वाली पूरी प्रक्रिया की जांच होनी चाहिए, क्योंकि यह ‘सुनियोजित तैनाती’ का परिणाम लगता है। उन्होंने सीसीटीवी फुटेज की फोरेंसिक जांच और केंद्र पर मौजूद सभी कार्मिकों से सख्ती से पूछताछ की आवश्यकता पर जोर दिया।
सरकार के दावों पर कटाक्ष
शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक के मामलों पर सरकार को घेरते हुए सांसद ने कहा कि बीजेपी सरकार के ‘मगरमच्छों को पकड़ने’ के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। नीट पेपर लीक का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि पूरे देश में बीजेपी सरकार की बदनामी हो रही है, लेकिन सरकार अपनी मनमर्जी पर अड़ी है। उन्होंने राजस्थान के शिक्षा तंत्र में व्याप्त संसाधनों और स्टाफ की कमी पर भी चिंता व्यक्त करते हुए इसे राज्य सरकार की विफलता बताया।