जयपुर: जयपुर के एसएमएस अस्पताल से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। मेडिकल ज्यूरिस्ट विभाग के प्रमुख (HOD) डॉ. नंद लाल डिसानिया ने अपने घर पर फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। घटना के समय परिजन एक शादी समारोह में गए हुए थे। देर रात जब वे घर लौटे, तो उन्होंने डॉ. डिसानिया को फंदे पर लटका हुआ पाया। आनन-फानन में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
तनाव की चर्चा और पारिवारिक पृष्ठभूमि
डॉ. डिसानिया के निधन के बाद से पूरे मेडिकल जगत में शोक की लहर है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, डॉ. डिसानिया के परिवार के एक सदस्य पर कुछ साल पहले आर्थिक धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ था, जिसके चलते वे काफी समय से मानसिक तनाव से गुजर रहे थे। हालांकि, आत्महत्या के स्पष्ट कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है और पुलिस मामले की गहन जाँच कर रही है।
फोरेंसिक मेडिसिन में था बड़ा नाम
डॉ. डिसानिया का एसएमएस मेडिकल कॉलेज में लगभग 30 वर्षों का शानदार करियर रहा। फोरेंसिक मेडिसिन के क्षेत्र में वे एक प्रतिष्ठित नाम थे और मात्र दो महीने पहले ही उनकी देखरेख में अस्पताल में एक अत्याधुनिक फोरेंसिक लैब का उद्घाटन हुआ था। डॉ. डिसानिया अपने पीछे पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा छोड़ गए हैं। उनका बेटा भी मेडिकल की पढ़ाई कर रहा है।
सहकर्मियों ने बताया हसमुख और मिलनसार
एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. दीपक महेश्वरी ने डॉ. डिसानिया को याद करते हुए बताया कि वे बेहद मिलनसार, हसमुख और काम के प्रति समर्पित व्यक्ति थे। उन्होंने कभी भी अपनी परेशानी का अहसास किसी को नहीं होने दिया। उनकी अचानक मृत्यु से अस्पताल प्रशासन और उनके साथी डॉक्टर बेहद स्तब्ध और दुखी हैं।