जयपुर। राजस्थान में प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक करने वाले माफियाओं और नकल गिरोह के खिलाफ स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (SOG) का कड़ा एक्शन लगातार जारी है। एसओजी ने उपनिरीक्षक (SI) भर्ती परीक्षा-2021 पेपर लीक मामले में एक और बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों को प्रश्न रटाने वाले गिरोह के मुख्य सदस्य को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़ा गया आरोपी इस पूरे पेपर लीक कांड के मुख्य सरगना हरध्यान कुमार मीणा का सगा भाई बताया जा रहा है।
आगरा रोड जयपुर से हुई गिरफ्तारी, 45 लाख में हुआ था सौदा
एडीजी (SOG) विशाल बंसल ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपी का नाम पुष्पेंद्र मीणा है, जो मूल रूप से पोहरा (थाना सदर, दौसा) का निवासी है और वर्तमान में गोविंद वाटिका, आगरा रोड, जयपुर में छिपकर रह रहा था।

जांच के दौरान एसओजी को पुख्ता सबूत मिले हैं कि मुख्य आरोपी हरध्यान ने एसआई भर्ती परीक्षा-2021 के आयोजन से ठीक पहले अभ्यर्थी बृजेश मीणा और रूपचंद मीणा को परीक्षा पास कराने की गारंटी दी थी। इसके एवज में 45 लाख रुपये का भारी-भरकम सौदा तय हुआ था। इस राशि को वसूलने के बाद पुष्पेंद्र और उसके भाई ने दोनों अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले बुलाकर पूरा प्रश्न पत्र रटवा दिया था।
45 लाख देकर बन गया था थानेदार, जांच में खुले संदिग्ध अंकों के राज
पेपर रटने के बाद दोनों अभ्यर्थियों ने परीक्षा में अप्रत्याशित सफलता हासिल की, जिसके बाद उनके परिणाम जांच एजेंसियों के रडार पर आ गए। आरोपी बृजेश मीणा के अंकों का रिकॉर्ड बेहद चौंकाने वाला और संदिग्ध पाया गया:
| विषय | प्राप्त अंक (कुल 200 में से) |
|---|---|
| हिंदी (Hindi) | 116.23 अंक |
| सामान्य ज्ञान (GK) | 126.01 अंक |
इस फर्जीवाड़े के दम पर बृजेश मीणा का चयन सूची में नाम भी आ गया और वह वर्तमान में पुलिस विभाग में उपनिरीक्षक (SI) के पद पर तैनात होकर नौकरी कर रहा था। मामले में जैसे ही पुष्पेंद्र मीणा की सीधी भूमिका और लेन-देन के पुख्ता सबूत मिले, एसओजी ने तुरंत जाल बिछाकर उसे धर दबोचा।
डमी अभ्यर्थी (Dummy Candidate) बैठाने का भी है पुराना इतिहास
एसओजी की पड़ताल में यह भी सामने आया है कि पुष्पेंद्र मीणा पूर्व में फायरमैन ड्राइवर के पद पर सरकारी सेवा में कार्यरत रहा है, लेकिन वह खुद एक आदतन नकल माफिया है। पुष्पेंद्र सिर्फ इस केस में ही नहीं, बल्कि राजस्थान वरिष्ठ अध्यापक (सेकंड ग्रेड) भर्ती परीक्षा-2022 में भी वांछित अपराधी है।
पुरानी धोखाधड़ी: सेकंड ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा में पुष्पेंद्र ने खुद परीक्षा देने के बजाय अपनी जगह किसी अन्य फर्जी व्यक्ति (डमी अभ्यर्थी) को परीक्षा हॉल में बैठाया था। इस धोखाधड़ी को लेकर अजमेर के सिविल लाइंस थाने में उसके खिलाफ पहले से ही आपराधिक मामला दर्ज है।
पेपर लीक मामले में अब तक 146 गिरफ्तारियां
राजस्थान पुलिस की विशेष शाखा (SOG) प्रदेश में हुए विभिन्न पेपर लीक मामलों की तह तक जाने के लिए लगातार कड़ियां जोड़ रही है। इस गिरोह से जुड़े छोटे-बड़े दलालों से लेकर फर्जी अभ्यर्थियों और सरकारी पदों पर बैठे अपराधियों को लगातार बेनकाब किया जा रहा है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस पूरे नेटवर्किंग रैकेट और पेपर लीक मामलों में SOG अब तक 146 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज चुकी है।
SOG की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई से साफ है कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह वर्तमान में किसी भी रसूखदार या सरकारी पद पर क्यों न बैठा हो।