जयपुर। राजस्थान से संगठित अपराध और गैंगस्टर राज को जड़ से उखाड़ने के लिए पुलिस ने अब तक का सबसे बड़ा ‘क्लीन स्वीप’ अभियान चलाया है। महानिदेशक पुलिस (DGP) राजीव कुमार शर्मा और एडीजी एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स दिनेश एम.एन. की रणनीति के तहत 9 से 11 मई 2026 के बीच महज 72 घंटों में राज्य भर में 1617 अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुँचाया गया है। इस चौतरफा प्रहार से न केवल फरार इनामी बदमाश, बल्कि गैंगस्टरों को सोशल मीडिया पर ‘हीरो’ बनाने वाले उनके फॉलोवर्स के बीच भी हड़कंप मच गया है।
संगठित अपराध पर सीधी स्ट्राइक
राजस्थान पुलिस के ‘एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स’ ने प्रदेश के समस्त जिला पुलिस अधीक्षकों के साथ समन्वय कर एक ऐसा जाल बुना, जिसमें हार्डकोर अपराधियों से लेकर हथियारों की सप्लाई करने वाले तस्कर तक फंस गए। एडीजी दिनेश एम.एन. ने बताया कि यह अभियान केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं था, बल्कि गैंगस्टरों के आर्थिक और सोशल मीडिया नेटवर्क को भी निशाना बनाया गया।
कार्रवाई का रिपोर्ट कार्ड: आंकड़ों की जुबानी
पुलिस ने इस तीन दिवसीय विशेष अभियान में सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं:
- हार्डकोर और इनामी बदमाश: करीब 608 इनामी अपराधियों की तलाश की गई, जिनमें से 270 इनामी बदमाशों को गिरफ्तार करने में सफलता मिली। साथ ही 163 हार्डकोर अपराधियों को भी सलाखों के पीछे भेजा गया।
- टॉप-10 सूची का सफाया: जिलों और थानों की टॉप-10 सूची में शामिल 1250 बदमाशों में से 712 अपराधियों को दबोच लिया गया।
- अवैध हथियारों पर प्रहार: आर्म्स एक्ट के तहत सघन जांच करते हुए 417 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया और 121 नए मामले दर्ज किए गए।
- सोशल मीडिया फॉलोवर्स पर शिकंजा: गैंगस्टरों की पोस्ट शेयर करने और उन्हें फॉलो करने वाले 55 लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है।
सोशल मीडिया पर ‘गैंगस्टर ग्लैमर’ को चेतावनी
एडीजी दिनेश एम.एन. ने इस कार्रवाई के माध्यम से युवाओं को सख्त संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराध का महिमामंडन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
“राजस्थान पुलिस प्रदेश की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं करेगी। गैंगस्टरों के सहयोगियों और उन्हें सोशल मीडिया पर प्रमोट करने वाले फॉलोवर्स की हर गतिविधि पर हमारी पैनी नजर है। यह अभियान महज शुरुआत है, संगठित अपराध के खिलाफ यह प्रहार आगे भी जारी रहेगा।” — दिनेश एम.एन., एडीजी, एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स
बड़ी राहत और भविष्य की योजना
इस व्यापक कार्रवाई से राजस्थान की सामरिक और सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर एक सकारात्मक संदेश गया है। पुलिस मुख्यालय के अनुसार, इस दौरान 294 पुराने लंबित प्रकरणों का भी निस्तारण किया गया है। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें ताकि अपराधियों के पनपने से पहले ही उनका खात्मा किया जा सके।