शहीद कांस्टेबल भागचन्द के हत्यारे 12 घंटे में गिरफ्तार: अदम्य साहस का परिचय देते हुए सीने पर झेली थी गोली

Madhu Manjhi

टोंक जिला पुलिस ने अपने एक जांबाज साथी की हत्या के सनसनीखेज मामले में तत्परता दिखाते हुए महज 12 घंटे के भीतर दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। कर्तव्य के प्रति अटूट साहस का परिचय देने वाले आरक्षी भागचन्द सैनी की हत्या उस समय कर दी गई थी, जब उन्होंने अवैध हथियारों से लैस शिकारियों को रोकने का प्रयास किया था।

गश्त के दौरान हुआ शिकारियों से सामना

पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार मीणा ने बताया कि 2 मई की रात आरक्षी भागचन्द सैनी सरकारी मोटरसाइकिल से ककोड चौकी क्षेत्र में रात्रिकालीन गश्त पर थे। रूपवास मोड़ के पास उनका सामना संदिग्ध शिकारियों से हुआ। भागचन्द ने अदम्य साहस दिखाते हुए उन्हें टोकने और रोकने का प्रयास किया, जिससे बौखलाकर अपराधियों ने आरक्षी के सीने पर बिल्कुल नजदीक से गोली मार दी। गोली लगने से भागचन्द मौके पर ही शहीद हो गए और आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।

12 घंटे का ‘मिशन इन्वेस्टिगेशन’

3 मई की सुबह जब आरक्षी का शव मिला, तो पूरे पुलिस महकमे में शोक और आक्रोश व्याप्त हो गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी के निर्देशन में 4 विशेष टीमों का गठन किया गया। एफएसएल और साइबर सेल की मदद से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए गए। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या के आरोपी राजेश मीणा (निवासी उनियारा) और दिलराज मीणा (निवासी बूंदी) को धर दबोचा।

“आरक्षी भागचन्द ने अपनी जान की परवाह किए बिना अपराधियों का मुकाबला किया। उनके बलिदान को व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा। पुलिस ने कड़ी मेहनत कर आरोपियों को दबोच लिया है और उनके नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जाएगा।” — राजेश कुमार मीणा, पुलिस अधीक्षक, टोंक

अवैध हथियारों का जखीरा बरामद

गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त टोपीदार बंदूक, मोटरसाइकिल, छर्रे, बारूद और एक छुर्रा बरामद किया है। पुलिस अब आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि इलाके में सक्रिय शिकारियों और अवैध हथियारों की तस्करी के नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।

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