राजस्थान के बूंदी जिले में रलजी गांव के प्राथमिक विद्यालय के छात्रों ने मंगलवार को शिक्षक की कमी से परेशान होकर उपखंड अधिकारी कार्यालय पर धरना दिया। स्कूल में नियुक्त एकमात्र शिक्षक को पिछले ढाई महीने से चुनाव कार्य के लिए उपखंड अधिकारी कार्यालय में तैनात किया गया था, जिसके कारण विद्यालय पूरी तरह शिक्षक विहीन हो गया था।
शिक्षा पर संकट देख दफ्तर पहुंचे मासूम
विद्यालय में शिक्षक न होने के कारण बच्चों की पढ़ाई लगातार प्रभावित हो रही थी। हालांकि प्रशासन ने अन्य स्कूलों से अस्थाई रूप से शिक्षकों को भेजने की व्यवस्था की थी, लेकिन इससे पढ़ाई में निरंतर बाधा आ रही थी। इसी अव्यवस्था से नाराज होकर बच्चे अपने अभिभावकों के साथ बस्ते लेकर सीधे उपखंड अधिकारी कार्यालय पहुंच गए और वहां धरने पर बैठ गए।
प्रशासन की त्वरित कार्रवाई
बच्चों के धरने की सूचना मिलते ही प्रशासन में खलबली मच गई। सीबीईओ ओमप्रकाश बुनकर, एसीबीईओ अनिल गोयल और तहसीलदार रामराय मीणा तुरंत मौके पर पहुंचे और बच्चों व उनके अभिभावकों से बातचीत की। मामले की गंभीरता और बच्चों की पढ़ाई के प्रति चिंता को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई की।
शिक्षक की हुई स्कूल में वापसी
प्रशासनिक अधिकारियों ने तत्काल निर्णय लेते हुए चुनाव कार्य में लगे शिक्षक को उसी दिन विद्यालय के लिए कार्यमुक्त कर दिया। शिक्षक को वापस स्कूल भेजने के लिखित आश्वासन और त्वरित आदेश के बाद बच्चों ने खुशी-खुशी अपना धरना समाप्त किया।
संपादकीय टिप्पणी: “यह घटना दिखाती है कि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की व्यवस्था एकल शिक्षकों के भरोसे है। यदि प्रशासन चुनाव जैसे कार्यों में शिक्षकों को लंबे समय तक लगाता है, तो उसका सीधा असर बच्चों के भविष्य पर पड़ता है।”