राजस्थान रोडवेज से सफर करने वाले अंचल के यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। लंबे समय से बसों की कमी और पुरानी बसों की समस्या से जूझ रहे सीकर रोडवेज डिपो के बेड़े में इस महीने 22 नई बसें शामिल होने जा रही हैं। रोडवेज प्रबंधन ने इन बसों के आवंटन को मंजूरी दे दी है, जिससे न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी बल्कि विभाग के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी।
बसों का गणित: 10 निगम की और 12 अनुबंधित
सीकर डिपो को मिलने वाली इन 22 बसों में से 10 बसें सीधे राजस्थान रोडवेज निगम की अपनी होंगी, जबकि 12 बसें अनुबंधित (Contractual) आधार पर बेड़े में जोड़ी जाएंगी। नई बसों के आने से डिपो की संचालन क्षमता (Kilometer coverage) में भारी इजाफा होगा।
यात्रियों को क्या होगा सीधा फायदा?
नई बसों के संचालन से सीकर और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को कई तरह के लाभ मिलने वाले हैं:
- बंद रूट फिर होंगे शुरू: स्टाफ और बसों की कमी से निगम के जो रूट बंद हो गए थे, उन्हें दोबारा शुरू किया जा रहा है।
- लंबी दूरी का सफर आसान: दिल्ली, जयपुर, हरियाणा और अन्य लंबे रूटों पर नई बसों को लगाया जाएगा, जिससे यात्रियों को आरामदायक सफर मिलेगा।
- इंतजार होगा खत्म: कई प्रमुख रूटों पर बसों के फेरे (Trips) बढ़ाए जाएंगे, जिससे यात्रियों को घंटों बस स्टैंड पर इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
- ग्रामीण कनेक्टिविटी: ग्रामीण क्षेत्रों से शहर की कनेक्टिविटी बेहतर होगी, जिससे यात्रियों की निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी और जेब पर बोझ भी घटेगा।
राजस्व में बढ़ोतरी की उम्मीद
रोडवेज अधिकारियों के मुताबिक, बेड़े के मजबूत होने से प्रतिदिन तय किए जाने वाले किलोमीटर की संख्या बढ़ेगी। नई बसों में तकनीकी खराबी कम होती है, जिससे संचालन लागत घटेगी और समय पर बसें मिलने से यात्री भार (Load factor) बढ़ेगा। इससे डिपो के मासिक राजस्व में भारी सुधार होने की उम्मीद जताई जा रही है।
डिपो प्रबंधन फिलहाल नए और मांग वाले रूटों की तलाश कर रहा है ताकि बसों का अधिकतम लाभ यात्रियों तक पहुंचाया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि इसी महीने बसें सड़क पर दौड़ने लगेंगी।