कोटा: राजस्थान के हाड़ौती क्षेत्र के लिए आज का दिन एक ऐतिहासिक क्रांति का गवाह बना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली से वर्चुअल जुड़कर कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने नवंबर 2023 के अपने चुनावी वादे को याद दिलाते हुए कहा कि “कोटा का एयरपोर्ट अब सिर्फ सपना नहीं रहेगा, बल्कि हकीकत में उड़ान भरेगा।”

प्रधानमंत्री के संबोधन की 10 बड़ी बातें (Table Summary)
| क्र.सं. | मुख्य बिंदु | प्रधानमंत्री का संदेश |
| 1 | वादे की पक्की गारंटी | नवंबर 2023 में किया गया वादा आज शिलान्यास के साथ पूरा हुआ। |
| 2 | हाड़ौती का नया युग | ₹1500 करोड़ का एयरपोर्ट क्षेत्र के विकास को नई गति देगा। |
| 3 | असुविधा का अंत | अब फ्लाइट के लिए जयपुर या जोधपुर जाने की मजबूरी खत्म होगी। |
| 4 | ऊर्जा का संगम | कोटा को न्यूक्लियर, कोयला, गैस और पानी से ऊर्जा का ‘अनूठा केंद्र’ बताया। |
| 5 | आस्था और श्रद्धा | श्री मथुराधीश, केशवराय पाटन और गोदावरी बालाजी के दर्शन सुलभ होंगे। |
| 6 | Connectivity हब | दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और अमृत भारत स्टेशन के साथ हवाई जुड़ाव। |
| 7 | आर्थिक क्रांति | Agro-based industries के लिए यह एयरपोर्ट मील का पत्थर साबित होगा। |
| 8 | सांसद ओम बिरला की तारीफ | बिरला के सेवाभाव और कोटा के लिए उनके लगातार प्रयासों की सराहना की। |
| 9 | संवैधानिक निष्ठा | बिरला को एक ‘पक्ष-प्रतिपक्ष’ से ऊपर रहने वाला शानदार अध्यक्ष बताया। |
| 10 | विरोधियों पर तंज | ‘अहंकारी और उत्पाती’ छात्रों (सांसदों) को संभालने के लिए बिरला के धैर्य की तारीफ। |
“ओम बिरला झेल लेते हैं कड़वे बोल” – पीएम मोदी

प्रधानमंत्री के भाषण का सबसे चर्चित हिस्सा वह रहा जहाँ उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की कार्यशैली पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि बिरला जी संविधान को पूरी तरह समर्पित हैं और सदन में कुछ ‘बड़े घरानों’ के उत्पाती सदस्यों के व्यवहार और कड़वे बोल को भी एक मुखिया की तरह धैर्य से झेल लेते हैं। यह टिप्पणी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है।
Connectivity का ‘त्रिकोण’: सड़क, रेल और अब हवाई सफर

पीएम ने हाड़ौती के भविष्य का रोडमैप पेश करते हुए कहा कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से अब दिल्ली और मुंबई कुछ ही घंटों की दूरी पर हैं। अब हवाई कनेक्टिविटी जुड़ने से यह क्षेत्र व्यापार और विशेष रूप से कृषि आधारित उद्योगों (Agro-based industry) का बड़ा केंद्र बनेगा।
