पंचूर (पौड़ी गढ़वाल)/देहरादून। देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश की कमान संभालने वाले ‘सख्त प्रशासक’ योगी आदित्यनाथ जब अपनी जन्मभूमि उत्तराखंड के पंचूर गांव पहुंचे, तो वहां सीएम का प्रोटोकॉल पीछे छूट गया और एक ‘संन्यासी’ का पारिवारिक रूप सामने आया। अपने दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे के दौरान योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार की रात अपने पैतृक घर में बितायी। शनिवार सुबह जब वे गांव की पगडंडियों पर निकले, तो एक बच्चे के साथ उनकी बातचीत ने सबका दिल जीत लिया।
क्या था पूरा वाकया?
शनिवार सुबह सीएम योगी अपने गांव पंचूर में भ्रमण पर निकले थे। इस दौरान वे गांव के बड़े-बुजुर्गों का हालचाल जान रहे थे और बच्चों को दुलार रहे थे। इसी बीच एक मासूम बच्चे ने सीएम योगी को फूल भेंट किया। जवाब में योगी ने बच्चे को चॉकलेट और खाने का सामान दिया। बच्चे ने बड़ी मासूमियत से वह सामान तुरंत पास खड़े अपने सगे दादाजी को पकड़ा दिया। यह देख योगी आदित्यनाथ खिलखिलाकर हंस पड़े और ठेठ पहाड़ी अंदाज में बच्चे से बोले— “अरे! हम भी तेरे दादा लगते हैं।” योगी का यह अपनापन और मजाकिया लहज़ा देखकर वहां मौजूद ग्रामीण और सुरक्षाकर्मी भी मुस्कुरा उठे। यह संवाद अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
सालों बाद अपने घर में ‘रात्रि विश्राम’
योगी आदित्यनाथ शुक्रवार (6 फरवरी) को यमkeshwar पहुंचे थे। दिनभर के कार्यक्रमों और अपने पुराने स्कूल (जनता इंटर कॉलेज) में नवनिर्मित भवन का लोकार्पण करने के बाद वे शाम को सीधे अपने पैतृक गांव पंचूर गए।
- माँ से मुलाकात: घर पहुंचते ही उन्होंने अपनी माँ सावित्री देवी के चरण स्पर्श किए और उनका आशीर्वाद लिया।
- पुराने दिन हुए ताजा: सीएम ने रात अपने पुराने घर में ही बिताई। सूत्रों के मुताबिक, घर पर उन्होंने सादा पहाड़ी भोजन किया और परिवार के साथ पुरानी यादें ताजा कीं।
स्कूल में भावुक हुए योगी
इससे पहले, अपने बचपन के स्कूल जनता इंटर कॉलेज, यमकेश्वर में कार्यक्रम के दौरान योगी काफी भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि इसी स्कूल में उनकी नींव पड़ी थी। उन्होंने अपने गुरुओं को याद किया और कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है जो एक सामान्य बालक को समाज का नेतृत्व करने योग्य बनाती है।
बिना तामझाम मिले ग्रामीणों से
शनिवार सुबह की सैर के दौरान योगी आदित्यनाथ बिल्कुल सहज नजर आए। उन्होंने गांव की महिलाओं से खेती-बाड़ी का हाल पूछा और युवाओं को पहाड़ न छोड़ने (पलायन रोकने) की नसीहत दी। उन्होंने गांव वालों से कहा कि वे स्वरोजगार अपनाएं और देवभूमि की पवित्रता बनाए रखें।
सुरक्षा कड़ी, लेकिन व्यवहार नरम
भले ही सीएम की सुरक्षा के लिए एनएसजी (NSG) और उत्तराखंड पुलिस का कड़ा पहरा था, लेकिन योगी ने सुरक्षा घेरा तोड़कर अपने बचपन के दोस्तों और बुजुर्गों को गले लगाया। उन्होंने कई ग्रामीणों के साथ फोटो खिंचवाई और बच्चों को गोद में लेकर दुलारा।