राजस्थान में अमरनाथ जैसा अहसास: नौतपा की तपिश के बीच भीलवाड़ा का मंदिर बना ‘बर्फ का धाम’,

Madhu Manjhi

भीलवाड़ा। राजस्थान में इन दिनों नौतपा की भीषण गर्मी और लू ने लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। लोग गर्मी से बचने के लिए कूलर और एसी का सहारा ले रहे हैं, लेकिन भीलवाड़ा शहर में एक ऐसा मंदिर है जो इन दिनों अपनी प्राकृतिक शीतलता के कारण चर्चा का विषय बना हुआ है। शहर के पंचमुखी मुक्तिधाम स्थित प्राचीन श्री मसानिया भेरुनाथ मंदिर को भीषण गर्मी के बीच 3100 किलो बर्फ से सजाकर ‘बर्फ के धाम’ में तब्दील कर दिया गया है। मंदिर में प्रवेश करते ही भक्तों को जो ठंडक और सुकून मिलता है, उसके आगे एसी और कूलर की हवा भी फीकी पड़ जाती है।

बाबा बर्फानी के रूप में विराजे मसानिया भैरूनाथ

नौतपा की शुरुआत के साथ ही मंदिर प्रशासन ने बाबा भैरवनाथ का विशेष बर्फानी श्रृंगार किया है। उन्हें बिल्कुल ‘बाबा बर्फानी’ का दिव्य और मनमोहक स्वरूप दिया गया है। केवल बाबा भैरवनाथ ही नहीं, बल्कि मंदिर परिसर में विराजमान बाबा गुप्तेश्वर महादेव और शमशान काली मां जगदंबा का भी बर्फ से आकर्षक श्रृंगार किया गया है।

इस विशेष अवसर पर भगवान को गर्मी से शीतलता प्रदान करने के लिए 108 लीटर शीतल शरबत का भोग अर्पित किया गया, जिसे बाद में वहां दर्शन करने पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं में प्रसाद के रूप में वितरित किया गया। इसके अलावा, ग्रीष्मकालीन फल ‘लीची’ से भी भगवान का मनमोहक श्रृंगार कर भोग लगाया गया।

पुजारी ने बताया आयोजन का उद्देश्य

मसानिया भेरुनाथ मंदिर के पुजारी रवि कुमार सोलंकी ने इस अनूठी पहल के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि नौतपा में पड़ने वाली प्रचंड गर्मी को देखते हुए हर वर्ष की तरह इस बार भी बाबा को शीतलता प्रदान करने का यह विशेष आयोजन किया गया है।

पुजारी सोलंकी ने कहा, “इस बार बाबा को 3100 किलो बर्फ से सजाया गया है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य केवल धार्मिक आस्था निभाना ही नहीं है, बल्कि भीषण गर्मी के इस दौर में मंदिर आने वाले भक्तों को शीतलता और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश देना है। मंदिर का वातावरण पूरी तरह से प्राकृतिक रूप से ठंडा हो गया है।”

श्रद्धालुओं को मिल रहा अमरनाथ जैसा अहसास

भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच जब श्रद्धालु इस मंदिर में पहुंचते हैं, तो उन्हें असीम शांति और सुकून की अनुभूति होती है। मंदिर दर्शन करने आए श्रद्धालु यश सिंह ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि नौतपा की तपिश के बीच यह बर्फानी श्रृंगार अपने आप में एक अद्भुत नजारा है।

यश सिंह ने कहा, “जैसे ही हम मंदिर परिसर में प्रवेश करते हैं, गर्मी से तत्काल राहत मिल जाती है। 3100 किलो बर्फ से सजा यह मंदिर किसी हिमस्थल (Himalayan Shrine) जैसा दिखाई देता है। यहां का शीतल वातावरण एसी और कूलर की ठंडक को भी मात देता है। बाबा का यह बर्फानी स्वरूप इतना आकर्षक है कि लोग दूर-दूर से दर्शन करने खींचे चले आ रहे हैं।”

इस अनोखे बर्फानी मंदिर में दर्शनार्थियों का तांता लगा हुआ है। लोग बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ बाबा के दर्शन कर रहे हैं और भीषण गर्मी के बीच आध्यात्मिक और मानसिक शांति प्राप्त कर रहे हैं।

Live Sach – तेज़, भरोसेमंद हिंदी समाचार। राजनीति, राजस्थान से ब्रेकिंग न्यूज़, मनोरंजन, खेल और भारत की हर बड़ी खबर!

Share This Article