राजस्थान कैडर की चर्चित आईएएस अधिकारी टीना डाबी ने शुक्रवार को टोंक जिले के 33वें जिला कलेक्टर के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। पदभार ग्रहण करने के साथ ही उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि उनका मुख्य उद्देश्य जिले के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं का लाभ पहुँचाना और आमजन की समस्याओं का त्वरित निस्तारण करना होगा।
शिकायतों का होगा गुणवत्तापूर्ण समाधान
मीडिया से बातचीत के दौरान टीना डाबी ने कहा कि ‘मुख्यमंत्री संपर्क पोर्टल’ पर लंबित प्रकरणों का समाधान उनकी प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर है। उन्होंने निर्देश दिए कि शिकायतों का न केवल कागजी निस्तारण हो, बल्कि उनका फिजिकल वेरिफिकेशन (मौतिक सत्यापन) भी किया जाएगा ताकि गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित हो सके।
विकास और फ्लैगशिप योजनाओं पर फोकस
कलेक्टर ने बताया कि सरकार की करीब दो दर्जन फ्लैगशिप योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ-साथ ‘विकसित ग्राम’ और ‘विकसित वार्ड’ अभियान को गति दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिलकर जिले की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाएगा और विकास कार्यों को तेज किया जाएगा।
जनता के लिए खुला रहेगा दरबार
आमजन से सीधा जुड़ाव रखने के संकेत देते हुए टीना डाबी ने कहा कि प्रशासन और जनता के बीच की दूरी कम की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “आमजन के लिए मेरे दरवाजे हमेशा खुले रहेंगे।” गौरतलब है कि 31 मार्च को राज्य सरकार द्वारा किए गए बड़े प्रशासनिक फेरबदल के तहत 26 जिला कलेक्टरों के तबादले किए गए थे, जिसमें टीना डाबी को टोंक की कमान सौंपी गई है।