घर-बंगला और व्यवसाय बेच 21 करोड़ से सरकारी स्कूल को बनाया ‘वर्ल्ड क्लास’, सत्यनारायण लड्ढा को मिला भामाशाह सम्मान

सत्यनारायण लड्ढा को मिला भामाशाह सम्मान

जयपुर/भीलवाड़ा। भीलवाड़ा जिले के फुलिया कलां स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में 21 करोड़ रुपए की लागत से ‘Centre for Academics & Sports Excellence’ (CASE) तैयार करने वाले भामाशाह सत्यनारायण लड्ढा को राज्य सरकार ने सम्मानित किया है। जयपुर के बिरला ऑडिटोरियम में आयोजित 30वें राज्य स्तरीय भामाशाह सम्मान समारोह में उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा और शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने यह सम्मान प्रदान किया। सत्यनारायण लड्ढा की अनुपस्थिति में यह सम्मान उनके नॉमिनी सुभाष लड्ढा (अध्यक्ष, कल्याण सेवा संस्थान) और उनकी पत्नी बीना लड्ढा ने ग्रहण किया।

घर और व्यवसाय बेचकर जुटाया 21 करोड़ का फंड

सत्यनारायण लड्ढा फुलिया कलां के इसी सरकारी स्कूल के पूर्व छात्र हैं। स्कूल में अत्याधुनिक शिक्षा और खेल सुविधाएं विकसित करने के लिए उन्होंने 21 मई 2022 को CASE प्रोजेक्ट की नींव रखी थी। कल्याण सेवा संस्था के जरिए शुरू किए गए इस प्रोजेक्ट की लागत करीब 21 करोड़ रुपए आंकी गई। काम में बजट की कमी न आए, इसके लिए लड्ढा ने अपना निजी बंगला और व्यवसाय (फैक्ट्री) बेच दिया। साथ ही परिचितों से भी आर्थिक सहयोग जुटाकर निर्माण कार्य पूरा कराया।

AI, रोबोटिक्स लैब और AC क्लासरूम

- Advertisement -
Centre for Academics & Sports Excellence, Phulia Kalan A role model for transforming government schools
Centre for Academics & Sports Excellence, Phulia Kalan
A role model for transforming government schools

‘नई शिक्षा नीति 2020’ के तहत 90 हजार वर्ग फुट में यह नया शैक्षणिक परिसर तैयार किया गया है। इसमें पूरी तरह से वातानुकूलित (AC) डिजिटल क्लासरूम, मॉडर्न कंप्यूटर लैब और साइंस लैब स्थापित की गई हैं। ग्रामीण छात्रों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए कैंपस में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और रोबोटिक्स लैब भी बनाई गई है। पूरे परिसर की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरों का नेटवर्क लगाया गया है।

उत्तर भारत का पहला FIH प्रमाणित हॉकी टर्फ

फुलिया कलां को ‘हॉकी गांव’ के रूप में भी जाना जाता है। इसे देखते हुए स्कूल कैंपस में 700 दर्शकों की क्षमता वाला खेल परिसर बनाया गया है। यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर का हॉकी टर्फ बिछाया गया है, जिसे ‘अंतरराष्ट्रीय हॉकी संघ’ (FIH) की मान्यता प्राप्त है। यह उत्तर भारत के किसी भी सरकारी या निजी स्कूल का पहला FIH प्रमाणित टर्फ है। डे-नाइट मैचों के लिए यहां फ्लड लाइट्स और ऑडियो कॉमेंट्री सिस्टम लगाया गया है। इसके अलावा परिसर में सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक, बास्केटबॉल, वॉलीबॉल, कबड्डी कोर्ट और जिम का निर्माण भी किया गया है।

1906 में हुई थी स्कूल की स्थापना

इस विद्यालय की स्थापना 1906 में तत्कालीन शाहपुरा नरेश सुदर्शन देव ने एक प्राइमरी स्कूल के रूप में की थी। वर्तमान में यहां विज्ञान, गणित, कृषि, कला और वाणिज्य संकाय संचालित हैं। CASE प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन और योजना निर्माण में ‘इनोवेटिव गवर्नेंस रिफॉर्म्स फेडरेशन (IGRF)’ ने तकनीकी और संस्थागत सहयोग दिया है। लड्ढा के अनुसार, सरकार के सहयोग से इस ग्रामीण शिक्षा मॉडल को भविष्य में अन्य जिलों में भी लागू करने की योजना है, जिसमें कल्याण सेवा संस्था सहयोग करेगी।

Live Sach – तेज़, भरोसेमंद हिंदी समाचार। राजनीति, राजस्थान से ब्रेकिंग न्यूज़, मनोरंजन, खेल और भारत की हर बड़ी खबर!

Share This Article