राजस्थान के गैर सरकारी (निजी) विद्यालयों में पुस्तकों, यूनिफॉर्म, जूते और टाई के नाम पर होने वाली मनमानी पर शिक्षा विभाग ने अब सख्त रुख अपना लिया है । प्रदेश में नया शैक्षणिक सत्र 1 अप्रैल 2026 से शुरू हो चुका है, जिसे देखते हुए माध्यमिक शिक्षा निदेशालय, बीकानेर ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं ।
3 सदस्यीय कमेटियां करेंगी औचक निरीक्षण
निदेशक सीताराम जाट द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, नियमों की जमीनी पालना सुनिश्चित करने के लिए मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी की अध्यक्षता में तीन-तीन सदस्यों की अलग-अलग कमेटियां गठित की जाएंगी । इन कमेटियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे 15 अप्रैल 2026 से पहले जिले के सभी गैर सरकारी विद्यालयों का सघन निरीक्षण पूरा कर लें ।
20 अप्रैल तक सौंपनी होगी रिपोर्ट
निरीक्षण के दौरान जिन स्कूलों में नियमों की अवहेलना या कोई शिकायत पाई जाएगी, उनकी पूरी सूची तैयार की जाएगी । संबंधित जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे ऐसी शिकायतों की समेकित रिपोर्ट (हार्ड कॉपी पीडीएफ और सॉफ्ट कॉपी एक्सेल फॉर्मेट में) निर्धारित परिशिष्ट प्रारूप में 20 अप्रैल 2026 तक निदेशालय की ईमेल आईडी पर भेजना सुनिश्चित करें ।
क्या है पूरा मामला?
शिक्षा विभाग को लगातार विभिन्न माध्यमों से यह शिकायतें मिल रही थीं कि कई निजी स्कूल पूर्व में फीस और पाठ्य सामग्री विनियमन को लेकर जारी दिशा-निर्देशों का पूर्णतया पालन नहीं कर रहे हैं । अभिभावकों को मनमाने तरीके से महंगी किताबें, यूनिफॉर्म और अन्य सामग्री खरीदने के लिए विवश किया जा रहा है । इसी पर संज्ञान लेते हुए अब विभाग ने यह जांच अभियान चलाने का फैसला किया है।