सड़क से सदन तक ‘गाय’ पर सियासत: बालमुकुंदाचार्य के सवाल पर सरकार का जवाब, विपक्ष के आरोपों पर गरमाया बजट सत्र

Desk

जयपुर: राजस्थान विधानसभा का बजट सत्र मंगलवार को एक सियासी अखाड़े में तब्दील हो गया। ‘गौवंश’ संरक्षण और जयपुर में कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी झड़प देखने को मिली। नौबत यहां तक आ गई कि विधायकों के बीच हाथापाई की स्थिति बन गई, जिसके बाद विधानसभा अध्यक्ष को कड़े शब्दों में हस्तक्षेप करना पड़ा।

बालमुकुंदाचार्य के सवाल से हुई शुरुआत हंगामे की शुरुआत प्रश्नकाल के दौरान हुई जब हवामहल से भाजपा विधायक बालमुकुंदाचार्य ने सरकार से सवाल पूछा कि क्या राजस्थान में गाय को ‘राज्य पशु’ (State Animal) घोषित करने की कोई योजना है? इस पर पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने स्पष्ट किया कि सरकार के पास फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। मंत्री के इस जवाब ने सदन में मौजूद गौ-रक्षक छवि वाले विधायकों को असहज कर दिया।

नेता प्रतिपक्ष का गंभीर आरोप और पोस्टर वार माहौल तब पूरी तरह गरमा गया जब नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने जयपुर की हिंगोनिया गौशाला के पास गाय के बछड़े का कटा हुआ सिर मिलने का मुद्दा उठाया। जूली ने सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया कि राजधानी में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की साजिश हो रही है और इस जघन्य अपराध के आरोपी को सत्ता पक्ष के एक विधायक का संरक्षण प्राप्त है। जूली ने इशारों में सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा की ओर संकेत किया। इसी बीच कांग्रेस विधायकों ने सदन में बछड़े के कटे सिर वाली तस्वीरें और पोस्टर लहराना शुरू कर दिया।

गोपाल शर्मा की दहाड़: ‘इस्तीफा दे दूंगा’ विपक्ष के आरोपों से नाराज सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा ने सदन में खड़े होकर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा, “मेरा नाम घसीटा जा रहा है। अगर इस मामले में मेरा कोई भी आदमी शामिल पाया गया, तो मैं इसी क्षण विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दूंगा।”

वेल में हंगामा और हाथापाई की नौबत गोपाल शर्मा के बयान के बाद सदन का तापमान चरम पर पहुंच गया। आवेश में आए गोपाल शर्मा विपक्ष की वेल (Well) की तरफ बढ़ने लगे। उन्हें आगे बढ़ता देख कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और विधायक अशोक चांदना भी आक्रामक रूप से उनकी तरफ लपके। दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक और हाथापाई जैसी स्थिति बनती देख अन्य विधायकों और मार्शल को बीच-बचाव करना पड़ा।

स्पीकर ने लगाई फटकार: ‘यह प्री-प्लानिंग थी’ विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने सदन में पोस्टर लहराने और हंगामा करने पर विपक्ष को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने कहा, “जिस तरह से आप लोग पोस्टर लेकर आए हैं, उससे साफ है कि आप सदन की कार्यवाही बाधित करने की पहले से प्लानिंग करके आए थे।” स्पीकर ने मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग को निर्देश देकर गोपाल शर्मा को शांत कराया और सभी सदस्यों से सदन की मर्यादा बनाए रखने की अपील की।

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