राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की चर्चित सोशल मीडिया सीरीज ‘इंतजारशास्त्र’ का कारवां अब उनके गृह जिले जोधपुर पहुँच चुका है। शनिवार को जारी हुए Chapter-13 में गहलोत ने जोधपुर की धड़कन कही जाने वाली ‘नई सड़क’ की मल्टी-लेवल पार्किंग को लेकर वर्तमान भाजपा सरकार की कार्यशैली पर कड़े प्रहार किए हैं।
सरकार की ‘अटकाने और लटकाने’ वाली नीति पर प्रहार
अशोक गहलोत ने अपने पोस्ट के माध्यम से आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की ‘अटकाने, लटकाने और भटकाने’ की नीति के कारण शहर की एक महत्वपूर्ण जन-सुविधा आज बदहाली का शिकार है। उन्होंने कहा कि जिस प्रोजेक्ट को अब तक जनता की सेवा में होना चाहिए था, वह केवल राजनीतिक अदूरदर्शिता के कारण धूल फांक रहा है।
प्रोजेक्ट की टाइमलाइन और ‘अदूरदर्शिता’ का आरोप
गहलोत ने इस प्रोजेक्ट की पूरी टाइमलाइन साझा करते हुए कहा कि यह मल्टी-लेवल पार्किंग जोधपुर के यातायात दबाव को कम करने के लिए बेहद जरूरी थी। उनके अनुसार:
- प्रोजेक्ट का काम सालों पहले पूरा हो जाना चाहिए था।
- वर्तमान सरकार की इच्छाशक्ति की कमी के कारण यह कार्य अधूरा पड़ा है।
- यह प्रोजेक्ट भाजपा की ‘अदूरदर्शिता’ का एक जीवंत प्रमाण बन चुका है।
“जोधपुर की ‘नई सड़क’ पर जिस पार्किंग का काम समय पर पूरा होना था, वह आज केवल सरकार की लापरवाही की वजह से लटका हुआ है। यह जनता के साथ सरासर अन्याय है।” — अशोक गहलोत, पूर्व मुख्यमंत्री
जोधपुर की जनता से जुड़ा मुद्दा
गौरतलब है कि ‘नई सड़क’ जोधपुर का मुख्य व्यावसायिक केंद्र है, जहाँ पार्किंग की भारी समस्या रहती है। गहलोत ने इसे सीधे तौर पर जनता की भावनाओं और जरूरतों से जोड़ते हुए सरकार को घेरा है। अब देखना यह है कि पूर्व मुख्यमंत्री के इन ‘तीखे बाणों’ पर सत्ता पक्ष की ओर से क्या सफाई आती है।