जयपुर: राजस्थान में प्रशासनिक अधिकारियों की संवेदनशीलता का एक अनूठा उदाहरण सामने आया है, जिसने इंटरनेट पर हर किसी का दिल जीत लिया है। एक प्रशासनिक शिविर के दौरान, जब एक बेबस महिला ने अपनी आपबीती सुनाई और बताया कि उसके साथ दुर्व्यवहार हुआ और उसे दो दिनों तक भूखा रखा गया, तो SDM आशीष शर्मा ने त्वरित कार्रवाई करते हुए न केवल आरोपी को फटकार लगाई, बल्कि चंद मिनटों में महिला को न्याय भी दिलाया।
10 मिनट में बदली महिला की किस्मत
शिविर में फरियाद लेकर पहुंची महिला की स्थिति देखकर SDM आशीष शर्मा का मानवीय चेहरा सामने आया। मामले की गंभीरता को समझते हुए उन्होंने बिना किसी देरी के अधिकारियों को तुरंत फाइल तैयार करने के निर्देश दिए। मात्र 10 मिनट के भीतर SDM ने यह सुनिश्चित किया कि महिला को हर प्रकार की बाधा से मुक्त कराया जाए। उन्होंने मौके पर मौजूद लोगों को कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि यह महिला पूरी तरह स्वतंत्र है और उसे रोकने का अधिकार किसी को नहीं है।
“क्या तुम्हें भगवान का डर नहीं?”
आरोपी के प्रति कड़े तेवर अपनाते हुए SDM ने उसे सरेआम फटकार लगाई। उन्होंने भावुक और सख्त लहजे में पूछा- “क्या तुम्हें भगवान को जवाब देने का डर नहीं है?” अधिकारी का यह मानवीय दृष्टिकोण न केवल वहां मौजूद लोगों के लिए प्रेरणा बना, बल्कि सोशल मीडिया पर भी इस घटना का वीडियो जबरदस्त तरीके से वायरल हो रहा है। लोग प्रदेश के इस अधिकारी की त्वरित कार्रवाई और ईमानदारी की जमकर तारीफ कर रहे हैं।
प्रशासनिक अधिकारियों के लिए मिसाल
यह घटना दर्शाती है कि यदि प्रशासनिक पदों पर बैठे अधिकारी संवेदनशील हों, तो आमजन को न्याय मिलने में देरी नहीं होती। SDM आशीष शर्मा का यह साहसिक कदम उन सभी अधिकारियों के लिए एक मिसाल है जो जनता की समस्याओं के निराकरण के लिए जिम्मेदारी के साथ कार्य करना चाहते हैं। प्रदेशभर में इस ‘क्विक जस्टिस’ की चर्चा हो रही है, जिसे प्रशासनिक तंत्र में पारदर्शिता और संवेदनशीलता की जीत के रूप में देखा जा रहा है।