राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा आयोजित की जाने वाली उप निरीक्षक (SI) भर्ती परीक्षा 5 और 6 अप्रैल को प्रदेश भर में आयोजित होने जा रही है। इस बड़ी परीक्षा को लेकर पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। करीब 7.70 लाख अभ्यर्थियों की किस्मत का फैसला करने वाली इस परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने इस बार विशेष ‘घेराबंदी’ की है। पेपर लीक और नकल की पिछली घटनाओं से सबक लेते हुए राजस्थान पुलिस ने 26 जिलों में हाई अलर्ट जारी किया है।
इन 3 दस्तावेजों के बिना ‘नो एंट्री’
परीक्षा केंद्र पर प्रवेश को लेकर इस बार नियम बेहद सख्त हैं। अभ्यर्थियों को अपने साथ निम्नलिखित तीन दस्तावेज ले जाना अनिवार्य है, जिनके बिना केंद्र में प्रवेश वर्जित होगा:
- ई-प्रवेश पत्र (Admit Card): आयोग द्वारा जारी आधिकारिक एडमिट कार्ड।
- आधार कार्ड: फोटो पहचान पत्र के रूप में सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज।
- पासपोर्ट साइज फोटो: हाल ही में खींची गई नवीनतम फोटो।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आधार कार्ड और एडमिट कार्ड के मिलान के बाद ही अभ्यर्थी को अंदर जाने दिया जाएगा।
तकनीकी पहरा: जैमर और वीडियोग्राफी
परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए हाई-टेक इंतजाम किए गए हैं:
- जैमर की व्यवस्था: मोबाइल नेटवर्क को पूरी तरह ठप करने के लिए केंद्रों पर जैमर लगाए गए हैं।
- वीडियोग्राफी: पूरी परीक्षा प्रक्रिया की वीडियोग्राफी करवाई जाएगी।
- स्टाफ पर भी पाबंदी: परीक्षा ड्यूटी में तैनात स्टाफ के मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ कर सीलबंद अलमारी में रखे जाएंगे।
नकल गिरोह पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ की तैयारी
डमी अभ्यर्थियों और नकल गिरोहों को रोकने के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन और HHMD उपकरणों से सघन चेकिंग (Frisking) की जाएगी। SOG और ATS की विशेष टीमें पूरे प्रदेश में सक्रिय कर दी गई हैं।
“परीक्षा में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या धोखाधड़ी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। गड़बड़ी करने वाले गिरोह की सूचना देने वाले सजग नागरिक को 1 लाख रुपए का इनाम दिया जाएगा।” — राजीव शर्मा, डीजीपी, राजस्थान
अभ्यर्थियों के लिए विशेष निर्देश
परीक्षा शुरू होने के बाद और खत्म होने से पहले किसी भी अभ्यर्थी को केंद्र छोड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे समय से काफी पहले केंद्रों पर पहुँचें ताकि फ्रिस्किंग और दस्तावेजों की जांच में देरी न हो।