जयपुर: राजस्थान सरकार ने राज्य में वनों और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना के क्रियान्वयन की प्रक्रिया तेज कर दी है। बजट घोषणा 2024-25 के अंतर्गत शुरू की गई ‘वन मित्र’ योजना के तहत अब प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर वन मित्रों का चयन किया जाएगा।
प्रत्येक पंचायत में 7 वन मित्र
वन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आनंद कुमार द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, राज्य के समस्त मुख्य वन संरक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर कम से कम 7 वन मित्रों का चयन सुनिश्चित करें। इस चयन प्रक्रिया में लैंगिक समानता को प्राथमिकता देते हुए न्यूनतम दो महिलाओं को शामिल करना अनिवार्य कर दिया गया है।
योजना के मुख्य उद्देश्य:
- जागरूकता का प्रसार: वन मित्रों का मुख्य कार्य ग्रामीण जन-समुदाय में पर्यावरण, वन्यजीव और वन संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना होगा।
- सामुदायिक भागीदारी: इस योजना का उद्देश्य स्थानीय निवासियों को सीधे वन संरक्षण कार्यों से जोड़ना है।
- कार्य की अवधि: चयनित वन मित्र एक वर्ष की अवधि के लिए अपनी सेवाएं देंगे।
पंजीयन प्रक्रिया और योग्यता
जो इच्छुक उम्मीदवार ‘वन मित्र’ के रूप में कार्य करना चाहते हैं, उन्हें संबंधित उप वन संरक्षक कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत करना होगा। आवेदकों को अपनी शैक्षणिक योग्यता, आयु, और पर्यावरण-वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में किए गए कार्यों का विवरण देना अनिवार्य है। साथ ही, उन्हें यह शपथ पत्र भी देना होगा कि वे किसी भी प्रकार के अपराध में लिप्त नहीं हैं और उनका इस योजना के तहत राज्य सरकार पर किसी प्रकार का स्थायी वित्तीय अधिकार उत्पन्न नहीं होगा।
सरकार ने इस प्रक्रिया में तेजी लाते हुए 8 जुलाई 2026 की शाम तक सभी जिलों से रिपोर्ट मांगी है, ताकि योजना को धरातल पर जल्द से जल्द उतारा जा सके। यह पहल राजस्थान के वन क्षेत्रों और पर्यावरण संतुलन की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित हो सकती है।