राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने प्रतियोगी परीक्षाओं में फर्जीवाड़े के खिलाफ जारी अपने अभियान के तहत एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है। SOG ने वर्ष 2019 और 2020 की प्री डी.एल.एड. (BSTC) परीक्षा में मूल अभ्यर्थियों के स्थान पर डमी (फर्जी) अभ्यर्थी बैठाकर परीक्षा दिलाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए कुल 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
2021 के मामले से मिला सुराग
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (SOG) विशाल बंसल ने बताया कि इस पूरे खेल का खुलासा तब शुरू हुआ जब वर्ष 2021 में पाली के रोहट थाना क्षेत्र में अशोक सारण नामक एक संदिग्ध को पकड़ा गया था। उसके पास से मिली डायरी और दस्तावेजों में कई परीक्षाओं में डमी कैंडिडेट बैठाने के संकेत मिले थे। गहन जांच के दौरान पता चला कि कई अभ्यर्थियों ने दलालों को मोटी रकम देकर फर्जी तरीके से परीक्षा पास की थी।
FSL रिपोर्ट ने साबित किया फर्जीवाड़ा
SOG ने इस मामले में संदेही अभ्यर्थियों के ओएमआर शीट और परीक्षा के दौरान किए गए हस्ताक्षरों के नमूने विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) भेजे थे। एफएसएल रिपोर्ट ने पुष्टि की कि परीक्षा देने वाले व्यक्ति और मूल अभ्यर्थी की लिखावट में अंतर है। इसी वैज्ञानिक प्रमाण के आधार पर नियुक्तियों की जांच करते हुए गिरफ्तारियां शुरू की गईं।
उदयपुर और भरतपुर में छापेमारी
SOG की टीम ने 5 अप्रैल 2026 को उदयपुर और भरतपुर जिलों में एक साथ कार्रवाई की। उदयपुर पुलिस के सहयोग से 11 आरोपियों को दबोचा गया, जो मुख्य रूप से जिले के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों जैसे फलासिया, झाडोल और बावलवाड़ा के रहने वाले हैं। वहीं, गिरोह का एक मुख्य सदस्य रवीन्द्र सिंह मुसावत को भरतपुर से गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों का विवरण:
- जगदीश गमार (27 वर्ष) – उदयपुर
- जीवताराम मोडिया (23 वर्ष) – उदयपुर
- लक्ष्मी कुमारी (30 वर्ष) – उदयपुर
- मन्नालाल (26 वर्ष) – उदयपुर
- मुकेश गमार (25 वर्ष) – उदयपुर
- लोकेश कुमार (24 वर्ष) – उदयपुर
- प्रेम कुमारी (25 वर्ष) – उदयपुर
- राहुल बोडात (26 वर्ष) – उदयपुर
- संजय कुमार डामोर (27 वर्ष) – उदयपुर
- विक्रम कुमार (25 वर्ष) – उदयपुर
- विशाल कुमार बोडात (29 वर्ष) – उदयपुर
- रवीन्द्र सिंह मुसावत (28 वर्ष) – भरतपुर
SOG की चेतावनी
एडीजी विशाल बंसल ने कहा कि हाल ही में सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा 2021 में हुई गड़बड़ियों की जांच के लिए गठित ‘एण्टी चीटिंग यूनिट’ पूरी तरह सक्रिय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी परीक्षा में फर्जीवाड़ा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह मामला कितना भी पुराना क्यों न हो। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है, जिससे और भी बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।