SI भर्ती परीक्षा 2021: डमी कैंडिडेट बिठाने का आदी है 45 लाख में पेपर खरीदने वाला अभ्यर्थी, SOG के हत्थे चढ़ा

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जयपुर। राजस्थान में पुलिस उप-निरीक्षक (SI) भर्ती परीक्षा-2021 के पेपर लीक मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) की धरपकड़ और खुलासों का दौर लगातार जारी है। एसओजी ने इस महाघोटाले में एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ऐसे अभ्यर्थी को गिरफ्तार किया है, जिसके पिता ने उसे पास कराने के लिए 45 लाख रुपये में पेपर खरीदा था। हालांकि, यह धांधली भी आरोपी को नौकरी नहीं दिला सकी, क्योंकि वह लिखित परीक्षा पास करने के बावजूद फिजिकल टेस्ट (शारीरिक दक्षता परीक्षा) में फेल हो गया था।

पिता ने सरगना से 45 लाख में किया था सौदा

एसओजी के एडीजी विशाल बंसल ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि दौसा जिले के ग्राम टिकरी जाफरान (थाना महुआ) के रहने वाले स्वरूपचंद मीणा ने अपने बेटे बृजेश कुमार मीणा (27) को दारोगा बनाने के लिए यह साजिश रची थी।

  • स्वरूपचंद ने पेपर लीक गैंग के मुख्य सरगना हर्षवर्धन कुमार मीणा से संपर्क किया और 45 लाख रुपये में पेपर का सौदा तय किया।
  • परीक्षा से ठीक पहले आरोपी अभ्यर्थी बृजेश कुमार मीणा को सॉल्व्ड (हल किया हुआ) पेपर उपलब्ध करा दिया गया था, जिसे रटकर उसने परीक्षा दी थी।

लिखित में अच्छे अंक, लेकिन फिजिकल में रह गया पीछे

एडीजी विशाल बंसल के अनुसार, आरोपी बृजेश कुमार मीणा की लिखित परीक्षा 15 सितंबर 2021 को अजमेर के एक परीक्षा केंद्र पर आयोजित हुई थी। पहले से पेपर मिल जाने के कारण उसने लिखित परीक्षा में शानदार अंक हासिल किए:

  • हिंदी (Hindi): 200 में से 116.23 अंक
  • सामान्य ज्ञान (GK): 200 में से 126.01 अंक

इन अंकों के आधार पर उसने अवैध रूप से लिखित परीक्षा तो पास कर ली, लेकिन जब उसे फिजिकल टेस्ट के लिए बुलाया गया, तो वह उसमें असफल हो गया। इसी वजह से उसका अंतिम रूप से एसआई पद पर चयन नहीं हो पाया। एसओजी ने इस आरोपी अभ्यर्थी को 9 जून 2026 को गिरफ्तार कर लिया है।

फर्जीवाड़े का है पुराना खिलाड़ी, पहले भी 2 मामलों में आ चुका है नाम

एसओजी की जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि आरोपी बृजेश मीणा का यह कोई पहला अपराध नहीं है। वह प्रतियोगी परीक्षाओं में फर्जीवाड़े का ‘आदतन अपराधी’ है। जांच के अनुसार, उसके खिलाफ पहले से ही दो मामले दर्ज हैं:

  1. हाई कोर्ट LDC भर्ती परीक्षा-2022: इस परीक्षा में आरोपी ने अपनी जगह एक ‘डमी अभ्यर्थी’ (फर्जी कैंडिडेट) को परीक्षा देने के लिए बैठाया था। इस धांधली के कारण उसका चयन भी हो गया था।
  2. MTS भर्ती परीक्षा-2022: इस भर्ती में उसने खुद किसी अन्य असली अभ्यर्थी की जगह ‘डमी कैंडिडेट’ बनकर परीक्षा दी थी।

अब तक हो चुकी हैं 145 गिरफ्तारियां

एसआई भर्ती परीक्षा-2021 के पेपर लीक मामले की परतें लगातार खुल रही हैं। एसओजी ने बताया कि इस मामले में सरगना हर्षवर्धन कुमार मीणा और आरोपी बृजेश के पिता स्वरूपचंद मीणा को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। एसओजी दोनों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट (आरोप पत्र) भी पेश कर चुकी है।

गौरतलब है कि एसआई भर्ती परीक्षा 2021 में पेपर लीक और डमी कैंडिडेट बैठाने के इस देश के सबसे बड़े घोटालों में से एक में, एसओजी अब तक कुल 145 आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज चुकी है। जांच एजेंसियां अभी भी फरार आरोपियों और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हैं।

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