शिक्षा विभाग, राजस्थान ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए बहुप्रतीक्षित शिविरा पंचांग (Academic Calendar) जारी कर दिया है। इस बार के कैलेंडर में छुट्टियों के शेड्यूल में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं, जिससे विद्यार्थियों और शिक्षकों की दिनचर्या पर सीधा असर पड़ेगा। वहीं दूसरी ओर, छुट्टियों में की गई कथित कटौती को लेकर शिक्षक संगठनों ने सरकार के खिलाफ आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है।
शिविरा पंचांग 2026-27: छुट्टियों का नया शेड्यूल
शिक्षा विभाग के नए कैलेंडर के अनुसार, इस सत्र में कुल 244 दिन विद्यालय संचालित होंगे। मुख्य बदलाव निम्नलिखित हैं:
- शीतकालीन अवकाश (Winter Vacation): अब सर्दियों की छुट्टियां 31 दिसंबर 2026 से 10 जनवरी 2027 तक रहेंगी। पहले ये छुट्टियां 25 दिसंबर से शुरू होती थीं।
- मध्यावधि अवकाश (Diwali Break): दीपावली के अवसर पर 4 नवंबर से 15 नवंबर 2026 तक 12 दिनों का अवकाश घोषित किया गया है।
- ग्रीष्मकालीन अवकाश (Summer Vacation): इस बार गर्मी की छुट्टियां 17 मई से 20 जून 2026 तक रहेंगी। छुट्टियां खत्म होते ही 21 जून से स्कूल खुल जाएंगे।
- सत्र की गतिविधियां: पूरे सत्र में कुल 32 उत्सव मनाए जाएंगे। यह कैलेंडर सभी सरकारी, निजी और आवासीय विद्यालयों पर लागू होगा।
छुट्टियों में कटौती पर शिक्षकों का आक्रोश
शिविरा कैलेंडर के साथ ही राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) ने ग्रामीण अवकाश और संस्था प्रधानों द्वारा घोषित होने वाले अवकाशों में कटौती पर कड़ा विरोध जताया है। जयपुर में आयोजित प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में संघ ने सरकार को चेतावनी देते हुए चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान किया है।
आंदोलन की रूपरेखा:
- 7 अप्रैल: प्रदेशभर के शिक्षक काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे (शिक्षण कार्य जारी रहेगा)।
- 8 अप्रैल: ब्लॉक स्तर पर एसडीएम (SDM) के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।
- 20 अप्रैल: जिला कलेक्टर के जरिए सरकार तक मांगें पहुंचाई जाएंगी।
- 18 मई: शिक्षा मंत्री के गृह क्षेत्र रामगंज मंडी (कोटा) में प्रदेशभर के शिक्षकों की एक विशाल रैली आयोजित की जाएगी।
विभाग का पक्ष
शिक्षा विभाग का मानना है कि छुट्टियों की अवधि को तर्कसंगत बनाने से शैक्षणिक कार्य दिवस बढ़ेंगे, जिससे शिक्षकों को पाठ्यक्रम समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी। हालांकि, शिक्षक संघ का आरोप है कि यह उनके लोकतांत्रिक अधिकारों और वर्षों से चली आ रही परंपराओं पर प्रहार है।