‘राज-काज’ का रिकॉर्ड प्रदर्शन: दो महीनों में निपटाए 9 लाख से अधिक सरकारी केस

Madhu Manjhi

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के दूरदर्शी नेतृत्व में राजस्थान सरकार प्रदेश में सुशासन, पारदर्शिता और प्रशासनिक दक्षता को सुदृढ़ करने हेतु डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में निरंतर महत्वपूर्ण पहल कर रही है। इसी दिशा में सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग द्वारा विकसित किया गया ‘राज-काज’ प्लेटफॉर्म राज्य सरकार का एक सशक्त एकीकृत डिजिटल प्रशासनिक मंच बनकर उभरा है। इस प्लेटफॉर्म ने पारंपरिक शासकीय प्रक्रियाओं को और अधिक तेज, पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित बनाने का काम किया है। सचिवालय से लेकर जिला, उपखंड एवं ब्लॉक स्तर तक के शासकीय एवं अर्ध-शासकीय कार्यालयों में प्रशासनिक प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण को इसके जरिए सफलतापूर्वक सुनिश्चित किया जा रहा है।

प्रशासनिक सुधारों की गति को बनाए रखने के लिए मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास द्वारा स्वयं राज-काज प्रणाली की नियमित ऑनलाइन समीक्षा एवं कड़ाई से मॉनिटरिंग की जा रही है। विशेष रूप से ‘औसत फाइल निस्तारण समय’ जैसे प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों (KPIs) पर लगातार की जा रही सतत निगरानी के कारण विभागों में समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य निष्पादन को अभूतपूर्व बढ़ावा मिला है।

71 विभाग और 57 हजार से अधिक कार्यालय एक मंच पर

डिजिटल एकीकरण के मामले में राज-काज ने प्रदेश में नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। वर्तमान में राज्य के 71 प्रशासनिक विभागों तथा 57 हजार से अधिक सरकारी कार्यालयों को इस एकल डिजिटल मंच पर सफलतापूर्वक जोड़ा जा चुका है। इस व्यापक एकीकरण से विभिन्न विभागों के मध्य आपसी समन्वय, निर्णय लेने की प्रक्रिया और समग्र फाइल प्रबंधन में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है, जिससे कार्य निष्पादन की गति कई गुना बढ़ गई है।

50 लाख से अधिक ई-फाइलों का सृजन, मैन्युअल निर्भरता खत्म

डिजिटल सिस्टम की स्वीकार्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि राज-काज के माध्यम से अब तक 50 लाख से अधिक ई-फाइलों का सफल सृजन किया जा चुका है। आंकड़ों के अनुसार, केवल गत अप्रैल एवं मई माह के दौरान ही राज्य स्तर पर कुल 9.22 लाख ई-फाइलों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया, जिनमें 51.51 लाख से अधिक फाइल मूवमेंट्स (एक टेबल से दूसरी टेबल पर जाना) दर्ज किए गए। यह बड़ी उपलब्धि दर्शाती है कि राजस्थान के प्रशासनिक ढांचे में अब डिजिटल प्रणाली का व्यापक उपयोग हो रहा है, जिससे कागजी और मैन्युअल प्रक्रियाओं पर निर्भरता लगभग खत्म हो गई है।

सचिवालय स्तर पर भी मजबूत हुई डिजिटल कार्य संस्कृति

शीर्ष प्रशासनिक स्तर यानी सचिवालय में भी डिजिटल कार्य संस्कृति बेहद सुदृढ़ हुई है। सचिवालय स्तर पर अकेले अप्रैल एवं मई के दौरान लगभग 10 हजार नई ई-फाइलों का सृजन किया गया। इन ई-फाइलों के संबंध में सचिवालय के 4,447 कार्मिकों व अधिकारियों द्वारा 5.4 लाख से अधिक फाइल मूवमेंट्स दर्ज किए गए।

पत्र प्राप्ति एवं डाक प्रेषण प्रणाली हुई पूर्णतः डिजिटल

राज-काज प्लेटफॉर्म के माध्यम से कार्यालयों के बीच होने वाले पत्राचार और डाक प्रबंधन प्रणाली का भी कायाकल्प हो गया है। राज्य स्तर पर अप्रैल एवं मई 2026 के दौरान कुल 2.35 लाख पत्र ऑनलाइन प्राप्त किए गए, जबकि 4.70 लाख ई-डाक का विभिन्न विभागों को प्रेषण किया गया। इसी अवधि में सचिवालय स्तर पर 55.8 हजार पत्र प्राप्त हुए व 47.2 हजार ई-डाक प्रेषित की गई। इस त्वरित डिजिटल व्यवस्था ने दफ्तरों के बीच संचार को बेहद पारदर्शी और प्रभावी बना दिया है।

8 लाख से अधिक कार्मिकों ने ऑनलाइन दिया अचल संपत्ति का ब्यौरा

राज-काज 2.0 के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक मॉड्यूल सफलतापूर्वक धरातल पर लागू किए गए हैं। इनमें प्रमुख रूप से कार्यालय प्रबंधन, कार्मिक प्रबंधन, सेवा नियम, पदनाम प्रबंधन तथा अचल संपत्ति विवरण (IPR) शामिल हैं। पारदर्शिता की दिशा में कदम बढ़ाते हुए गत जनवरी माह में रिकॉर्ड 8,00,444 कार्मिकों द्वारा राज-काज 2.0 पोर्टल के माध्यम से अपना अचल संपत्ति विवरण (IPR) ऑनलाइन प्रस्तुत किया गया। इसके अतिरिक्त, वार्षिक मूल्यांकन प्रतिवेदन (APAR) मॉड्यूल के माध्यम से अप्रैल एवं मई 2026 के दौरान 3 लाख से अधिक अधिकारियों व कर्मचारियों ने अपनी सालाना कार्य रिपोर्ट (APAR) ऑनलाइन दर्ज कराई है।

नवाचारों के इस दौर में राज-काज डिजिटल राजस्थान के निर्माण की दिशा में एक सशक्त आधारशिला साबित हो रहा है, जो पूरे देश में प्रशासनिक सुधारों एवं सुशासन के नए मानक स्थापित कर रहा है।

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