राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने प्रदेश के 20 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के लिए सीईटी-2026 (Common Eligibility Test) की तैयारियां शुरू कर दी हैं। बोर्ड ने इस बार नियमों में बड़े बदलाव करते हुए पात्रता की शर्तों को सरल बनाया है, जिससे अभ्यर्थियों को बार-बार परीक्षा देने के मानसिक और आर्थिक बोझ से मुक्ति मिलेगी।
परीक्षा कैलेंडर: आवेदन से लेकर परीक्षा तक
बोर्ड द्वारा प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार स्नातक और सीनियर सेकंडरी स्तर की परीक्षाएं अलग-अलग चरणों में आयोजित की जाएंगी:
| परीक्षा का स्तर | आवेदन प्रक्रिया | प्रस्तावित परीक्षा माह |
| सीईटी स्नातक (Graduate) | जून 2026 से (एक माह) | नवंबर 2026 |
| सीईटी सीनियर सेकंडरी (12th) | जुलाई 2026 से (एक माह) | दिसंबर 2026 |
18 लाख अभ्यर्थियों की पात्रता हो चुकी है खत्म
गौरतलब है कि सीईटी-2024 की वैधता फरवरी 2026 में समाप्त हो चुकी है। इसमें स्नातक स्तर के 8.78 लाख और सीनियर सेकंडरी स्तर के 9.17 लाख अभ्यर्थी शामिल थे, जिनकी पात्रता खत्म होने से वे वर्तमान में किसी भी भर्ती के लिए आवेदन करने योग्य नहीं रहे थे। इस नई परीक्षा से इन सभी अभ्यर्थियों को पुनः अवसर मिलेगा।
23 प्रकार की भर्तियों का खुलेगा रास्ता
सीईटी की पात्रता के बिना वर्तमान में 23 प्रकार की महत्वपूर्ण भर्तियां अटकी हुई हैं। इसमें पटवारी, ग्राम विकास अधिकारी (VDO), कनिष्ठ लेखाकार, प्लाटून कमांडर, उपजेलर और महिला अधिकारिता पर्यवेक्षक जैसे प्रमुख पद शामिल हैं। परीक्षा के परिणाम आते ही इन भर्तियों की मुख्य परीक्षा का आयोजन शुरू हो सकेगा।
बोर्ड की रणनीति: ‘क्वालिटी ओवर क्वांटिटी’
बोर्ड अध्यक्ष आलोक राज ने स्पष्ट किया है कि इस बार पेपर का स्तर अपेक्षाकृत कठिन रखा जाएगा। इसका उद्देश्य यह है कि केवल 3 से 4 लाख अभ्यर्थी ही पात्रता हासिल कर सकें, ताकि मुख्य परीक्षा को केवल एक ही पारी में सफलतापूर्वक संपन्न कराया जा सके और पेपर लीक जैसी संभावनाओं को न्यूनतम किया जा सके।
“हमारा प्रयास है कि इस बार पेपर का स्तर स्टैंडर्ड रखा जाए। सीमित संख्या में अभ्यर्थियों के पात्र होने से मुख्य परीक्षा का प्रबंधन बेहतर होगा और इसे एक ही शिफ्ट में कराया जा सकेगा।”
— आलोक राज, अध्यक्ष, राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड