राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के विकास को एक नई दिशा देने के लिए शनिवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में उच्च स्तरीय बैठक की। इस बैठक में उन्होंने युवाओं की शिक्षा से लेकर शहरों की स्वच्छता तक के लिए कई क्रांतिकारी निर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अटल ज्ञान केन्द्र: पंचायत स्तर पर ‘मॉडर्न लाइब्रेरी’ का सपना
मुख्यमंत्री ने ग्रामीण युवाओं के भविष्य को संवारने के लिए ‘अटल ज्ञान केन्द्रों’ को आधुनिक लाइब्रेरी के रूप में स्थापित करने के निर्देश दिए हैं।
- शहरों की ओर पलायन रुकेगा: मुख्यमंत्री की मंशा है कि गांव का युवा अपने घर पर रहकर ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सके।
- हाईटेक सुविधाएं: इन केन्द्रों पर उपयोगी पुस्तकें, पत्र-पत्रिकाएं, डिजिटल संसाधन, ई-मित्र सेवाएं और ऑनलाइन क्लासेस की सुविधा विकसित की जाएगी।
- मॉडल डिजाइन: प्रत्येक केन्द्र का एक मानक नक्शा (मॉडल डिजाइन) तैयार किया जाएगा ताकि निर्माण में गुणवत्ता और उपयोगिता सुनिश्चित हो सके।
स्मार्ट मैनेजमेंट: जयपुर बनेगा वेस्ट मैनेजमेंट का मॉडल सिटी
शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता को नई मजबूती देने के लिए मुख्यमंत्री ने ‘एकीकृत कंट्रोल रूम मॉडल’ अपनाने के निर्देश दिए हैं।
- उन्नत तकनीक: जयपुर को स्मार्ट मैनेजमेंट और उन्नत तकनीक आधारित मॉडल सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा।
- एकीकृत कंट्रोल रूम: स्वायत्त शासन विभाग को अपशिष्ट प्रबंधन (Waste Management) को सुदृढ़ करने के लिए कंट्रोल रूम मॉडल को मजबूती से लागू करने को कहा गया है। इससे स्वच्छता, स्वास्थ्य और सार्वजनिक सुरक्षा को नया आयाम मिलेगा।
अमृत 2.0 और मानसून की तैयारी: सड़कों पर सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री ने बुनियादी ढांचे से जुड़े प्रोजेक्ट्स, विशेषकर अमृत 2.0 योजना की प्रगति की समीक्षा की:
- समय सीमा और जवाबदेही: सीवरेज कार्यों को निर्धारित समय में पूरा करना अनिवार्य होगा। देरी से लागत बढ़ने पर अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
- मानसून से पूर्व मरम्मत: मानसून आने से पहले सीवरेज कार्यों के कारण क्षतिग्रस्त हुई सड़कों और गड्ढों की मरम्मत हर हाल में पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि बारिश में आमजन को परेशानी न हो ।
- स्ट्रीट लाइट्स और FSTP: शहरी क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइट्स लगाने और एफएसटीपी (FSTP) कार्यों में गति लाने के लिए निर्देशित किया गया है।
अभियानों की मॉनिटरिंग और जनभागीदारी
बैठक में मुख्यमंत्री ने 19 मार्च से संचालित ‘मुख्यमंत्री विकसित ग्राम-शहरी वार्ड अभियान’ की प्रगति रिपोर्ट भी तलब की। उन्होंने निर्देश दिए कि अभियान के दौरान प्राप्त आमजन के सुझावों का विश्लेषण कर शिक्षा और चिकित्सा जैसी आधारभूत सुविधाओं पर फोकस किया जाए। साथ ही, आगामी ‘वंदे गंगा जल संरक्षण’ और वृक्षारोपण अभियान में जनभागीदारी बढ़ाने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने को कहा।
बैठक में पंचायतीराज मंत्री मदन दिलावर, नगरीय विकास राज्य मंत्री झाबर सिंह खर्रा और मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।