पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर झालावाड़ में तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन दिव्य प्रहार’ में पुलिस को ऐतिहासिक सफलता मिली है। प्रदेशभर में सबसे ज्यादा कार्रवाई झालावाड़ जिले में की गई है, जहाँ पिछले 6 माह में नशा तस्करों के खिलाफ 72 बड़ी कार्रवाई कर 107 संपत्तियों को फ्रीज किया गया है। इन संपत्तियों का बाजार मूल्य 127 करोड़ रुपए से ज्यादा आंका गया है।
सफेमा कोर्ट से तस्करों को नहीं मिली राहत
इन संपत्तियों को स्थाई रूप से फ्रीज किया गया है। तस्करों ने अपनी अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों को बचाने के लिए दिल्ली स्थित सफेमा कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन कोर्ट ने उनकी दलीलों को खारिज कर दिया। कोर्ट ने संपत्तियों को फ्रीज रखने के पुलिस के आदेश पर अपनी मुहर लगा दी है।
गोपनीय तरीके से तैयार हुआ डेटाबेस एसपी अमित कुमार
ने बताया कि कार्यालय की एमओबी (MOB) शाखा पिछले 6 महीनों से गोपनीय तरीके से तस्करों की संपत्तियों का डेटाबेस तैयार कर रही थी। इस बड़े मिशन में पुलिस को कलेक्टर अजय सिंह राठौड़, राजस्व विभाग और पीडब्ल्यूडी (PWD) का भी भरपूर सहयोग मिला। जहाँ राजस्व विभाग ने रिकॉर्ड का मिलान किया, वहीं पीडब्ल्यूडी विभाग ने संपत्तियों के बाजार मूल्य का सटीक मूल्यांकन किया। पुलिस ने अब तक 17 मुख्य तस्करों और उनके 58 मददगारों के खिलाफ कुल 48 मामले दर्ज कर उनके पूरे नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है।
कानूनी प्रक्रिया: NDPS एक्ट 68F
एडवोकेट अभिषेक पाराशर ने बताया कि एनडीपीएस एक्ट की धारा 68F के तहत फ्रीज संपत्तियों के मामले में अब बोझ तस्करों पर है। उन्हें कोर्ट में यह साबित करना होगा कि यह संपत्ति तस्करी की कमाई से नहीं, बल्कि वैध आय से खरीदी गई है। यदि वे इसका प्रमाण नहीं दे पाते हैं, तो इन संपत्तियों को अंततः कुर्क कर लिया जाता है।
सीज की गई संपत्तियों का पूरा विवरण: पुलिस ने तस्करों के आर्थिक साम्राज्य पर हर तरफ से चोट की है:
- पेट्रोल पंप व मकान: 1 पेट्रोल पंप, 30 आलीशान मकान और 3 दुकानें सीज की गई हैं।
- कृषि भूमि व प्लॉट: 32 प्लॉट और खेती की जमीन जब्त की गई है, जिसकी कीमत ₹55.18 करोड़ आंकी गई है।
- वाहन: तस्करी और काले धन से खरीदे गए 30 चार पहिया और 16 दो पहिया वाहन जब्त किए गए हैं।
- नशीले पदार्थ: कार्रवाई के दौरान 42.58 करोड़ मूल्य के मादक पदार्थ भी बरामद किए गए हैं।