जयपुर की ट्रैफिक लाइफलाइन कही जाने वाली सिरसी रोड को मास्टर प्लान के अनुरूप चौड़ा करने की कवायद तेज हो गई है। राजस्थान हाईकोर्ट के सख्त आदेशों के बाद, जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने गुरुवार से सड़क सीमा का डिमार्केशन (सीमांकन) शुरू कर दिया है। जेडीए की टीमों ने सिरसी पुलिया से सिरसी मोड़ तक सड़क की चौड़ाई नापकर अतिक्रमणों पर लाल निशान लगाने शुरू कर दिए हैं।
300 से अधिक संपत्तियां जद में, चलेगा पीला पंजा
सिरसी रोड को वर्तमान 60-80 फीट से बढ़ाकर 160 फीट किया जाना है। इस 4.5 किलोमीटर लंबे स्ट्रेच में लगभग 300 से अधिक निर्माण सड़क सीमा के भीतर आ रहे हैं।
- प्रभावित निर्माण: इसमें बड़ी संख्या में दुकानें, मकान, कई रिसॉर्ट्स और मैरिज गार्डन शामिल हैं।
- समझाइश का दौर: जेडीए की 14 टीमें पिछले डेढ़ महीने से क्षेत्र में लोगों से संवाद कर रही थीं। कई व्यापारियों ने नुकसान कम करने के लिए खुद ही अपने निर्माण हटाना शुरू कर दिया है।
हाईकोर्ट की डेडलाइन: 13 मई तक देनी है रिपोर्ट
जेडीसी (JDC) सिद्धार्थ महाजन ने बुधवार को व्यापारियों के साथ बैठक की थी। व्यापारियों ने 15 दिन की मोहलत और मुआवजे की मांग रखी, लेकिन जेडीसी ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई हाईकोर्ट के निर्देशानुसार हो रही है और 13 मई तक कोर्ट में पालना रिपोर्ट पेश करनी अनिवार्य है। ऐसे में समय सीमा बढ़ाना संभव नहीं है।
क्यों जरूरी है यह चौड़ीकरण?
वर्तमान में सिरसी रोड पर यातायात का भारी दबाव रहता है। संकरी सड़क के कारण घंटों जाम की स्थिति बनी रहती है।
- ट्रैफिक सुगमता: 160 फीट सड़क बनने से 200 फीट बाईपास से सिरसी मोड़ तक का सफर आसान होगा।
- मास्टर प्लान: यह कार्रवाई जयपुर मास्टर प्लान के नियमों को लागू करने के लिए की जा रही है।
- पिछले साल का एक्शन: गौरतलब है कि पिछले साल भी इसी महीने में जेडीए ने झारखंड मोड़ से 200 फीट बाईपास तक 200 से अधिक अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया था।
जेडीए का संदेश: जेडीए प्रवर्तन शाखा ने सभी संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर दिए हैं। डिमार्केशन पूरा होते ही भारी पुलिस जाप्ते के साथ अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू किया जाएगा।