क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) जयपुर ने नए वित्तीय वर्ष 2026-27 के आगाज से पहले वाहन स्वामियों के लिए कड़ी चेतावनी जारी की है। मोटरयान कर (Vehicle Tax) जमा नहीं कराने वालों के खिलाफ विभाग अब ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाएगा। 1 अप्रैल से विशेष जांच और प्रवर्तन अभियान चलाया जाएगा, जिसमें मौके पर ही भारी जुर्माना वसूलने की तैयारी है।
टैक्स चोरी पर 5 गुना पेनल्टी और सेवाओं पर रोक
आरटीओ प्रथम राजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि बिना कर जमा किए वाहन चलाना राजस्थान मोटरयान कराधान अधिनियम का सीधा उल्लंघन है।
- भारी जुर्माना: अधिनियम की धारा 11 के तहत, बकाया कर मिलने पर वार्षिक टैक्स की राशि का न्यूनतम 2 गुना और अधिकतम 5 गुना तक जुर्माना लगाया जा सकता है।
- कमर्शियल वाहनों पर गाज: व्यावसायिक वाहनों के लिए टैक्स न भरना परमिट शर्तों का उल्लंघन माना जाएगा। ऐसे वाहनों के चालान और वसूली के साथ-साथ उनके परमिट, फिटनेस, एनओसी (NOC) और अन्य विभागीय सेवाओं पर तुरंत रोक लगा दी जाएगी।
नया नियम: चालान अपील के लिए ‘आधा जुर्माना’ जरूरी
1 अप्रैल 2026 से यातायात नियमों के उल्लंघन पर कटने वाले चालान को लेकर भी एक बड़ा और सख्त नियम लागू हो रहा है। अब यदि कोई वाहन चालक अपने चालान को गलत मानता है या उसे न्यायालय में चुनौती देना चाहता है, तो उसे पहले कुल जुर्माने की 50 प्रतिशत राशि जमा करानी होगी।
- बिना पैसे नहीं मिलेगी सुनवाई: बिना 50% राशि जमा किए कोर्ट में सुनवाई का अवसर नहीं मिलेगा।
- उद्देश्य: इस नियम से केवल गंभीर और वास्तविक मामले ही कोर्ट पहुँचेंगे और चालान राशि की वसूली में तेजी आएगी।
विशेषज्ञों की राय और तैयारी
क्षेत्रीय प्रादेशिक परिवहन अधिकारी (बीकानेर) अनिल पण्ड्या ने बताया कि इस नए प्रावधान की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस सख्ती से वाहन चालकों में यातायात नियमों का पालन करने की प्रवृत्ति बढ़ेगी और सरकारी राजस्व की हानि कम होगी।
“बिना कर भुगतान वाहन संचालन राजस्थान मोटरयान कराधान अधिनियम का उल्लंघन है। हम 1 अप्रैल से विशेष अभियान चला रहे हैं, जिसमें मौके पर ही सख्त कार्रवाई और भारी पेनल्टी लगाई जाएगी।” — राजेंद्र सिंह शेखावत, आरटीओ प्रथम (जयपुर)