जयपुर | राजस्थान की राजधानी जयपुर में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले लापरवाह वाहन चालकों पर अब दिन के उजाले में ही नहीं, बल्कि रात के अंधेरे में भी पैनी नजर रखी जा रही है। शहर में लागू किए गए ‘इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम’ (ITMS) के तहत प्रमुख चौराहों और मुख्य मार्गों पर लगाए गए अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे 24 घंटे सक्रिय हैं। ये हाई-टेक कैमरे रात के समय ओवरस्पीड और रेड लाइट जंप जैसी गतिविधियों को ऑटोमैटिक रिकॉर्ड करके पलक झपकते ही वाहन मालिकों के नाम ऑनलाइन चालान जारी कर रहे हैं। यातायात पुलिस द्वारा हाल ही में जारी किए गए ताजा आंकड़ों ने यह साफ कर दिया है कि देर रात सड़कें खाली मिलने पर लोग धड़ल्ले से यातायात नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं।
यातायात पुलिस उपायुक्त (DCP Traffic) योगेश गोयल ने इस पूरी हाई-टेक निगरानी व्यवस्था की जानकारी देते हुए बताया कि रात के समय शहर की सड़कें अपेक्षाकृत खाली रहती हैं। इसका नाजायज फायदा उठाते हुए कई वाहन चालक निर्धारित गति सीमा (स्पीड लिमिट) को पार कर तेज रफ्तार में गाड़ियां दौड़ाते हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में लोग रात को चौराहों पर रेड लाइट सिग्नल की अनदेखी कर सीधे निकल जाते हैं, जिससे गंभीर सड़क दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। ऐसे हादसों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए ही आईटीएमएस के तहत विशेष कैमरों से 24 घंटे सातों दिन (24×7) मॉनिटरिंग की जा रही है।
वर्तमान में जयपुर शहर के 15 बेहद व्यस्त और संवेदनशील स्थानों पर 47 अत्याधुनिक नाइट-विजन कैमरे लगाए गए हैं, जो लगातार वाहनों की रफ्तार और मूवमेंट को ट्रैक कर रहे हैं। जैसे ही कोई वाहन चालक नियम तोड़ता है, गाड़ी की नंबर प्लेट और गति की सटीक जानकारी तुरंत सेंट्रल सिस्टम में दर्ज हो जाती है और बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के सीधे वाहन मालिक के मोबाइल पर ई-चालान का मैसेज पहुंच जाता है।
दो रातों के आंकड़ों ने खोली हकीकत
यातायात पुलिस द्वारा बीती दो रातों के दौरान कैमरों में दर्ज किए गए उल्लंघनों के जो आंकड़े पेश किए गए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। खाली सड़कों पर ‘ओवरस्पीड’ के रोमांच के मामलों में सरस पार्लर क्षेत्र के पास सर्वाधिक 125 चालान जारी किए गए। इसके बाद कॉमर्स कॉलेज क्षेत्र में 52 और नेहरू गार्डन क्षेत्र में 7 चालान काटे गए।
वहीं, चौराहों पर ‘रेड लाइट सिग्नल जंप’ करने वालों का आंकड़ा तो और भी ज्यादा भयावह रहा। केवल दो रातों के भीतर सांगानेरी गेट तिराहे पर सबसे ज्यादा 408 ऑनलाइन चालान जारी किए गए। इसके अलावा रामनिवास बाग चौराहे पर 372, पांच बत्ती चौराहे पर 245 और यादगार तिराहे पर 127 चालान बनाए गए हैं। यातायात पुलिस का कहना है कि यह सख्ती आगे भी जारी रहेगी और आने वाले समय में आईटीएमएस के दायरे का और अधिक विस्तार किया जाएगा, ताकि शहर के बाहरी कॉरिडोर्स को भी इस स्वचालित ई-चालान प्रणाली से जोड़ा जा सके।