जयपुर। इंडिया स्टोन मार्ट 2026 के दूसरे दिन शुक्रवार को सीतापुरा स्थित जयपुर एग्ज़ीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर (JECC) के मुग्धा कन्वेंशन हॉल में ‘जयपुर आर्किटेक्चर फेस्टिवल 2026’ (JAF) का भव्य शुभारंभ किया गया। मुख्य अतिथि और उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने दीप प्रज्वलन कर समारोह की विधिवत शुरुआत की। अपने संबोधन में उन्होंने राजस्थान की स्थापत्य विरासत, पत्थर उद्योग और शिल्प परंपरा को वैश्विक पहचान दिलाने वाला आयोजन करार दिया।
“हमारी माटी और पत्थर का योगदान पूरी दुनिया में”

उपमुख्यमंत्री ने प्रदेश के पत्थर उद्योग की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि चाहे अयोध्या का भव्य राम मंदिर हो, अक्षरधाम हो, ऐतिहासिक स्मारक हों, धार्मिक स्थल हों या विश्व के प्रतिष्ठित होटल और इमारतें—यदि ध्यान से देखा जाए तो इनमें उपयोग हुआ पत्थर प्रायः राजस्थान का ही होता है। उन्होंने कहा कि यह प्रदेश के लिए अत्यंत गौरव की बात है कि यहां की माटी और पत्थर का योगदान पूरी दुनिया में दिखाई देता है।
सुझाव: ‘4 दिन काफी नहीं, 10 दिन तक चले यह उत्सव’
उपमुख्यमंत्री ने आयोजन की भव्यता को देखते हुए एक महत्वपूर्ण सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन राजस्थान के हैंडीक्राफ्ट, हस्तशिल्प और मार्बल इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के लिए एक बड़ा अवसर है। उन्होंने सुझाव दिया कि आने वाले वर्षों में इस तरह के आयोजनों को महज चार दिनों तक सीमित रखने के बजाय दस दिनों तक आयोजित किया जाना चाहिए, ताकि अधिक से अधिक लोग इससे जुड़ सकें।
‘विकास भी और विरासत भी’ का मंत्र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्र “विकास भी और विरासत भी” को आगे बढ़ाते हुए दीया कुमारी ने कहा कि पुरानी ऐतिहासिक इमारतों में मौजूद स्थापत्य और डिज़ाइन को नई आधुनिक इमारतों में भी अपनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जयपुर वैसे भी आर्किटेक्चर के लिए जाना जाता है और यह दुनिया की पहली ‘प्लांड सिटी’ है; हम ऐसे शहर से जुड़े हैं जिसका विश्व वास्तुकला में विशेष स्थान है।
शिल्पग्राम और कारीगरों की सराहना
समारोह में ‘शिल्पग्राम’ की पहल पर बोलते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि छोटे-छोटे कारीगरों और हैंडीक्राफ्ट से जुड़े शिल्पकारों को इतना बड़ा मंच देना सराहनीय है। इससे कारीगरों, छात्रों और युवाओं को न केवल सीखने का अवसर मिलेगा, बल्कि निर्यातकों को भी नए अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने प्रदर्शनी को भव्य बताते हुए कहा कि बड़े पंडाल, शानदार स्टॉल और छात्रों द्वारा तैयार किए गए मॉडल्स इस आयोजन की खास पहचान हैं।
डिजिटल क्रांति: 26 भाषाओं में वेबसाइट लॉन्च
लघु उद्योग भारती की राष्ट्रीय सचिव अंजू सिंह ने बताया कि इंडिया स्टोन मार्ट का आयोजन लघु उद्योग भारती द्वारा सीडॉस (CDOS) और रीको (RIICO) के सहयोग से किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस बार कई पहलें पहली बार की गई हैं:
- एक डिजिटल मोबाइल ऐप लॉन्च किया गया है।
- वेबसाइट को 26 भाषाओं में ट्रांसलेट करने की सुविधा दी गई है।
- टेक्नोलॉजी आधारित सुविधाएं बढ़ाई गई हैं।
उन्होंने कहा कि जयपुर आर्किटेक्चर फेस्टिवल के माध्यम से स्टोन, आर्किटेक्चर और एमएसएमई सेक्टर को एक साझा मंच मिला है।
इन्हें मिला आर्किटेक्चर का सम्मान: ’12वें ऑल इंडिया स्टोन आर्किटेक्चर अवॉर्ड्स 2025′
उद्घाटन अवसर पर 12वें ऑल इंडिया स्टोन आर्किटेक्चर अवॉर्ड्स 2025 के विजेताओं को सम्मानित किया गया। चार श्रेणियों में कुल 80 प्रविष्टियाँ प्राप्त हुई थीं, जिनमें से प्रतिष्ठित जूरी ने विजेताओं का चयन किया। विजेताओं की सूची निम्न प्रकार है:

1. एक्सटीरियर फेसिंग श्रेणी
- विजेता: आर्किटेक्ट प्रमोद जैन
- प्रोजेक्ट: मारवाड़ इंटरनेशनल सेंटर, जोधपुर (राजस्थान)
- पुरस्कार: 1,00,000 रुपए नकद
2. इंटीरियर डिजाइन श्रेणी (संयुक्त विजेता)
- विजेता 1: आर्किटेक्ट श्वेता बालासुब्रमोनी (प्रोजेक्ट: अन्वय रेजिडेंस, कोठवलगुडा, तेलंगाना) – पुरस्कार: 50,000 रुपए
- विजेता 2: आर्किटेक्ट संतोष रमणे (प्रोजेक्ट: सावंतांच्या वाडा, कोल्हापुर, महाराष्ट्र) – पुरस्कार: 50,000 रुपए
3. लैंडस्केपिंग श्रेणी (संयुक्त विजेता)
- विजेता 1: आर्किटेक्ट श्रद्धा (जोशी) चव्हाण एवं आर्किटेक्ट अजिंक्य चव्हाण (प्रोजेक्ट: चंद्रातर्य फॉर्महाउस, पुणे, महाराष्ट्र) – पुरस्कार: 50,000 रुपए
- विजेता 2: आर्किटेक्ट जयदत्त विश्वनाथ वैष्णव एवं आर्किटेक्ट अनल कपाड़िया वैष्णव (प्रोजेक्ट: बियोंड द ग्रीन – ए बायो डाइवर्स लैंडस्केप, अहमदाबाद, गुजरात) – पुरस्कार: 50,000 रुपए
4. ग्रीन आर्किटेक्चर श्रेणी (संयुक्त विजेता)
- विजेता 1: आर्किटेक्ट हिमांशु पटेल (प्रोजेक्ट: त्रिभुवन – एन आर्किट्स ऑन स्टूडियो, अहमदाबाद, गुजरात) – पुरस्कार: 50,000 रुपए
- विजेता 2: आर्किटेक्ट लता रमन जैगोपाल (प्रोजेक्ट: स्टोन हेगडे, लेह, जम्मू एवं कश्मीर) – पुरस्कार: 50,000 रुपए
दिग्गजों का रहा जमावड़ा
उद्घाटन समारोह में देश-विदेश के प्रख्यात आर्किटेक्ट्स, नीति-निर्माता और उद्योग प्रतिनिधि मौजूद रहे। मंचासीन अतिथियों में उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी के अलावा:
- अंजू सिंह (राष्ट्रीय सचिव, लघु उद्योग भारती)
- मुकुल रस्तोगी (CEO, सीडॉस)
- दीपक अजमेरा (उपाध्यक्ष, सीडॉस)
- आर्किटेक्ट वू जियांग (प्रेसिडेंट, आर्केसिया)
- आर्किटेक्ट तुषार सोगानी (चेयरमैन, IIA राजस्थान एवं क्यूरेटर JAF 2026)
- आर्किटेक्ट विलास वसंत
इसके अतिरिक्त, विधायक हमीर सिंह भायल, प्रकाश चंद्र और नरेश पारीक (राष्ट्रीय संयुक्त महासचिव, लघु उद्योग भारती) भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
समारोह का समापन
समारोह के अंत में सीडॉस के चेयरमैन दीपक अजमेरा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने सभी अतिथियों, वक्ताओं, आयोजकों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए आयोजन की सफलता के लिए धन्यवाद दिया।
