जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने गृह विधानसभा क्षेत्र सांगानेर के सर्वांगीण विकास और इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के एक ‘वैश्विक मॉडल’ (Global Model) के रूप में स्थापित करने के लिए विधिक रोडमैप तैयार कर लिया है। इसी कड़ी में बुधवार को जयपुर के सांगानेर स्टेडियम में आयोजित एक विशाल सार्वजनिक समारोह में मुख्यमंत्री ने 631 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का बटन दबाकर डिजिटल लोकार्पण और शिलान्यास किया।
इस ऐतिहासिक बजटीय पैकेज के जरिए सांगानेर क्षेत्र में लंबे समय से लंबित सड़कों के चौड़ीकरण, सुदृढ़ बिजली आपूर्ति, पेयजल परियोजनाओं, आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम और नए फ्लाईओवरों जैसी दीर्घकालिक बुनियादी ढांचा (Infrastructure) परियोजनाओं को अभूतपूर्व विधिक गति मिलने जा रही है। इस गरिमामयी अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न आवासीय योजनाओं के लाभार्थियों को उनके मकानों व जमीनों के विधिक मालिकाना हक के पट्टे भी सौंपे। इसके साथ ही सांगानेर को स्वच्छ रखने वाले स्थानीय स्वच्छता सिपाहियों को आर्थिक सहायता और सम्मान राशि के सांख्यिकीय चेक वितरित कर प्रोत्साहित किया।
सांगानेर का ऐतिहासिक व सांख्यिकीय महत्व
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जनसभा को संबोधित करते हुए सांगानेर के प्राचीन वैभव और गौरवशाली इतिहास के विधिक तथ्यों को जनता के सामने रखा, जिसका सांख्यिकीय और ऐतिहासिक विवरण नीचे दी गई तालिका में स्पष्ट है:
| ऐतिहासिक पैमाना (Historical Aspect) | सांगानेर की विधिक स्थिति (Sanganer Status) | जयपुर मुख्य शहर की स्थिति (Jaipur City) |
| स्थापना का कालखंड | जयपुर की स्थापना से लगभग 200 वर्ष पूर्व संपन्न व्यापारिक केंद्र के रूप में स्थापित। | महाराजा सवाई जयसिंह द्वारा 18वीं शताब्दी में परकोटे का निर्माण। |
| आगामी ऐतिहासिक मील का पत्थर | वर्ष 2027 में स्थापना का 500वां वर्ष (500th Anniversary) पूर्ण होगा। | आधुनिक स्थापत्य कला और हेरिटेज का वैश्विक प्रतीक। |
| स्थापत्य की समानता | जयपुर परकोटे की तर्ज पर सांगानेर में भी प्राचीन काल से विशिष्ट प्रवेश द्वार (Gates) मौजूद हैं। | नौ द्वारों (Gates) और सुनियोजित चारदीवारी के लिए विश्व प्रसिद्ध। |
| वैश्विक सांस्कृतिक धरोहर | सांगानेरी ब्लॉक प्रिंट (Block Print) और पारंपरिक हस्तशिल्प का अंतरराष्ट्रीय हब। | रत्न आभूषण और गुलाबी नगरी के स्थापत्य का केंद्र। |
वर्ष 2027 में वैश्विक स्तर पर मनेगा सांगानेर का 500वां स्थापना दिवस
मुख्यमंत्री ने मंच से एक बड़ी विधिक घोषणा करते हुए कहा कि अगले वर्ष यानी 2027 में सांगानेर अपनी स्थापना के गौरवशाली 500 वर्ष पूरे करने जा रहा है। यह न केवल सांगानेर बल्कि संपूर्ण राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत के लिए एक विधिक और गौरवशाली क्षण होगा।
“जिस प्रकार जयपुर के परकोटे में अलग-अलग ऐतिहासिक प्रवेश द्वार बने हुए हैं, ठीक उसी स्थापत्य कला के तर्ज पर सांगानेर में भी प्राचीन काल से बने विशिष्ट द्वारों का जीर्णोद्धार किया जाएगा। राज्य सरकार इस 500वें स्थापना दिवस को एक अंतरराष्ट्रीय उत्सव के रूप में भव्य तरीके से आयोजित करेगी, ताकि स्थानीय हस्तशिल्पियों और लघु उद्योगों को सीधा विधिक लाभ मिल सके।”
दीर्घकालिक परियोजनाओं से मिलेगी शहरी कनेक्टिविटी को मजबूती
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इस ₹631 करोड़ के विकास पैकेज में से एक बड़ा सांख्यिकीय हिस्सा सांगानेर के आंतरिक और बाहरी लिंक रोड्स के सुदृढ़ीकरण पर खर्च किया जाएगा। टोंक रोड और बी-2 बायपास के बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए सांगानेर की मुख्य सड़कों को चौड़ा किया जा रहा है। नगर नियोजन विंग के अनुसार, आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम के निर्माण से बारिश के दिनों में होने वाले जलभराव की विधिक समस्या से सांगानेर वासियों को हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने इन सभी स्वीकृत कार्यों की विधिक मॉनिटरिंग के लिए तीन-स्तरीय समिति का गठन किया है, जो समयबद्ध रूप से निर्माण की गुणवत्ता की जांच करेगी।