बीकानेर। तिरुपति बालाजी मंदिर के लड्डू प्रसादम में कथित मिलावटी घी की आपूर्ति का मामला अब राजस्थान के बीकानेर तक गहरा गया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एंट्री के बाद से बीकानेर के व्यापारिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। हैदराबाद से आई ईडी की विशेष टीम ने शहर में डेरा डाल दिया है और वित्तीय रिकॉर्ड्स को खंगालना शुरू कर दिया है।
कोयला गली में ED का छापा, खंगाले जा रहे दस्तावेज
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, ईडी की टीम बीकानेर के कोयला गली क्षेत्र स्थित एक प्रमुख व्यापारिक प्रतिष्ठान पर केंद्रित है। जांच एजेंसी इस प्रतिष्ठान से जुड़े सभी अहम दस्तावेजों, कंप्यूटर डेटा और वित्तीय रिकॉर्ड की सघन जांच कर रही है। ईडी का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि कथित घी आपूर्ति से जुड़े कारोबारी लेन-देन किस रूट से किए गए और इस पूरी सप्लाई चेन में कौन-कौन शामिल था।
₹300 का घी ₹1200 में? वित्तीय कनेक्शन पर फोकस
इस जांच का सबसे बड़ा और चौंकाने वाला पहलू वित्तीय हेरफेर से जुड़ा है। सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसियां ऐसे संदिग्ध लेन-देन की पड़ताल कर रही हैं, जिनमें:
- कथित रूप से ₹300 प्रति किलो की लागत वाले घी को।
- ₹1200 प्रति किलो तक की दरों पर आगे सप्लाई करने की बात सामने आई है।
नोट: हालांकि, इस भारी अंतर और दावों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ईडी की टीम पूरी तरह से ऑन-पेपर दस्तावेजों और बैंक खातों के आधार पर ही तथ्यों की कड़ियां जोड़ रही है।
पहले SIT और अब ED: जांच ने लिया नया मोड़
यह पहली बार नहीं है जब तिरुपति विवाद के तार बीकानेर से जुड़े हैं। इससे पहले इस मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) भी बीकानेर का दौरा कर चुकी है।
- SIT की कार्रवाई: पूर्व में आई एसआईटी की टीम ने स्थानीय स्तर पर घी के नमूने (Samples) एकत्र किए थे और उनकी शुद्धता की पड़ताल की थी।
- ED की कार्रवाई: अब ईडी की एंट्री से यह साफ है कि मामला सिर्फ मिलावट तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें बड़े पैमाने पर मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय अनियमितताओं का एंगल भी शामिल हो चुका है।
एक ही परिवार के कई कारोबारी रडार पर
जांच से जुड़े सूत्रों का कहना है कि बीकानेर के एक ही परिवार से ताल्लुक रखने वाले कुछ रसूखदार कारोबारियों की भूमिका इस समय जांच के दायरे में है। सप्लाई चेन, देशव्यापी कारोबारी संपर्क और बड़े भुगतानों से जुड़े रिकॉर्ड्स को बारीकी से खंगाला जा रहा है। हालांकि, जांच की संवेदनशीलता को देखते हुए ईडी या अन्य किसी एजेंसी ने अभी तक किसी व्यक्ति या फर्म के नाम को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
व्यापारिक वर्ग में बढ़ी हलचल
बीकानेर के कोयला गली और आसपास के व्यापारिक क्षेत्रों में इस कार्रवाई के बाद से लगातार चर्चाओं का बाजार गर्म है। स्थानीय व्यापारियों और आम जनता की निगाहें अब केंद्रीय एजेंसी की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि बीकानेर का यह कनेक्शन सीधे तिरुपति घी विवाद से कितना गहरा जुड़ा है।