बीकानेर। तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) के महाप्रसाद (लड्डू) में मिलावट का मामला अब और गहराता जा रहा है। घी की गुणवत्ता से शुरू हुआ यह विवाद अब मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) की जांच में बदल गया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने देशभर के 7 राज्यों में एक साथ 15 ठिकानों पर छापेमारी की है, जिसकी आंच राजस्थान के बीकानेर तक भी पहुंच गई है।
बीकानेर में घी कारोबारी के ठिकानों पर दबिश

सूत्रों के अनुसार, ED की टीम ने बीकानेर शहर की कोयला गली स्थित घी कारोबारी आशीष अग्रवाल के घर और दफ्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाया। जांच एजेंसी ने कई घंटों तक कारोबारी के वित्तीय लेनदेन और व्यापारिक गतिविधियों से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों को खंगाला। हालांकि, बीकानेर से क्या-क्या बरामद हुआ है, इस पर एजेंसी ने अभी कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है।
7 राज्यों में बड़ा एक्शन, मिले करोड़ों के इनपुट
ईडी की यह बड़ी कार्रवाई केवल बीकानेर तक सीमित नहीं है। जांच टीम ने अहिल्यानगर, देहरादून, दिल्ली, डिंडीगुल, गुंटूर, मुंबई और रुड़की सहित कई शहरों में एक साथ 15 ठिकानों पर छापेमारी की है। इस दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं:

- नकदी और निवेश: जांच के दौरान करीब 60 लाख रुपए नकद बरामद किए गए हैं।
- अवैध संपत्तियां: प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने कथित अपराध की काली कमाई से 45 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश कर संपत्तियां खड़ी की हैं।
- फर्जी लेनदेन का जाल: एजेंसी को आशंका है कि इस काली कमाई को वैध (White) दिखाने के लिए फर्जी खरीद-फरोख्त का एक बड़ा और जटिल नेटवर्क तैयार किया गया था।
करोड़ों के इस नेटवर्क में कौन-कौन शामिल?

फिलहाल ईडी इस फर्जी नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। सवाल यह उठ रहा है कि करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़े ‘प्रसादम’ की सप्लाई में किस स्तर पर खेल हुआ है। ईडी की विस्तृत जांच रिपोर्ट से जल्द ही इस पूरे सिंडिकेट से जुड़े कई बड़े चेहरे बेनकाब होने की उम्मीद है।
विशेष: जानिए क्या है तिरुपति लड्डू का गौरवशाली इतिहास
तिरुपति बालाजी मंदिर का लड्डू प्रसाद केवल एक मिठाई नहीं, बल्कि सदियों पुरानी परंपरा का प्रतीक है:
- 300 साल पुरानी परंपरा: तिरुमाला मंदिर में रोजाना 3.5 लाख से ज्यादा भक्तों को लड्डू प्रसाद दिया जाता है। यह परंपरा वर्ष 1715 से चली आ रही है।
- ‘दित्तम’ की सख्त प्रक्रिया: प्रसाद मंदिर की खास रसोई ‘पोट्टु’ में पारंपरिक कारीगरों द्वारा तैयार होता है। इसे बनाने की प्रक्रिया को ‘दित्तम’ कहा जाता है, जिसमें सामग्री की मात्रा का बेहद सख्ती से पालन किया जाता है।
- रेसिपी में बदलाव: इतने लंबे इतिहास में लड्डू की रेसिपी में केवल छह बार ही बदलाव हुए हैं। पहले यह सिर्फ बेसन और गुड़ की चाशनी से बनता था, बाद में स्वाद और पौष्टिकता बढ़ाने के लिए इसमें बादाम, काजू और किशमिश मिलाए जाने लगे।
